लक्ष्मीगंज। क्षेत्र के मिश्रौली पगार स्थित शिव शक्ति मंदिर में आयोजित श्रीरुद्र महायज्ञ एवं श्रीशिव महापुराण कथा में कथा व्यास राजीव नयन ने बुधवार को गणेश जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि शिवपुराण के अनुसार पार्वती जी स्नान के लिए जाते समय शरीर में लगे उबटन की मैल से एक बालक की आकृति बनाई और उसमें प्राण डाल दिया और दरवाजे पर पहरा लगा दिया। जब न शंकर जी घर लौटे तो बालक ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया।
इसके बाद क्रोधित होकर शंकर जी ने बालक का सिर काट दिया। पार्वती जी को पता चला तो क्रोधित होकर शिव से बालक को पुनर्जीवित करने की मांग की। शिव जी ने बालक के सिर के जगह हाथी का सिर लगाकर जीवित किया। तभी से बालक का नाम गणेश पड़ा। इस दौरान उयदभान पांडेय, नर्वदेश्वर पांडेय, संदीप, जीतेंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे।