कप्तानगंज। जिले के रास्ते बिहार जाने वाली ट्रेनों में लगातार शराब की खेप पकड़ी जा रही है, लेकिन तस्कर हाथ नहीं लग रहे हैं। शनिवार को कप्तानगंज आरपीएफ ने अलग-अलग रेलवे स्टेशनों से 33,130 रुपये कीमत की लावारिस अंग्रेजी शराब बरामद की।
कार्रवाई के लिए आबकारी विभाग को बरामद शराब सौंप दी है। तीन माह के अंदर आरपीएफ और जीआरपी ने कोच और स्टेशन से शराब की खेप पकड़ी है, लेकिन तस्कर नहीं पकड़े जा सके हैं।
शराब और गोवंश की तस्करी को रोकने के लिए पुलिस बिहार को जोड़ने वाले मुख्य मार्गों के अलावा पगडंडियों पर सख्ती बढ़ाते हुए बैरियर लगा दिया है। 24 घंटे यहां पर पुलिस की ड्यूटी रहती है और आने-जाने वाले वाहनों की निगरानी होती है। रात को डायल 112 की पुलिस भी बैरियरों पर तैनात रहती है। सड़क मार्ग पर सख्ती के बाद शराब तस्करों ने तरीका बदला दिया है और बिहार जाने वाली ट्रेनों से शराब की खेप पहुंचा रहे हैं। ट्रेनों व रेलवे स्टेशनों से आए दिन बरामद हो रही शराब इसका उदाहरण है।
सूत्र बताते हैं कि आरपीएफ व जीआरपी ने तीन माह के अंदर जो शराब की खेप बरामद की है, उसमें एक भी तस्कर की गिरफ्तारी नहीं दिखाई है। यह जांच का विषय है, जबकि रेलवे स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। शनिवार को वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक परमेश्वर कुमार के नेतृत्व में कप्तानगंज रेलवे स्टेशन पर जांच अभियान चलाया गया। प्लेटफार्म संख्या दो पर फुटओवर ब्रिज के नीचे रखी दो बोरियों में 151 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुई। इसकी अनुमानित कीमत 21,490 रुपये आंकी गई।
खड्डा रेलवे स्टेशन पर तैनात कांस्टेबल शेषनाथ यादव ने प्लेटफार्म संख्या एक के पूर्वी छोर पर संदिग्ध अवस्था में रखी बोरी की जांच की। इसमें 46 बोतल अंग्रेजी शराब मिली, जिसकी कीमत करीब 5,980 रुपये बताई गई। वहीं, शनिवार को दोपहर करीब 12 बजे सिसवा बाजार रेलवे स्टेशन पर कांस्टेबल ओमवीर यादव ने चेकिंग के दौरान प्लेटफार्म संख्या एक के पूर्वी छोर पर एक सफेद बोरी से 44 बोतल किंगफिशर बियर बरामद की, जिसकी कीमत 5,660 रुपये आंकी गई।
प्रभारी निरीक्षक परमेश्वर कुमार ने बताया कि बरामद सभी शराब बिहार ले जाने के उद्देश्य से छोड़ी गई प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि रेल मार्ग से किसी भी स्थिति में अवैध शराब की तस्करी नहीं होने दी जाएगी और तस्करों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।