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Kushinagar News: मां गंगा की गोद में मिली ऊर्जा...रास्ते के जाम ने थकाया

Sat, 01 Feb 2025 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। प्रयागराज महाकुंभ में स्नान करने गए श्रद्धालु घर पहुंचने लगे हैं। उनकी यात्रा के दौरान हुई पीड़ा घर वापसी होने पर वे भूल गए। अपनों के बीच पहुंचते ही उनके चेहरे खिल गए।
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हालांकि, रास्ते में उन्हें तमाम दुश्वारियां भी झेलनी पड़ी। भगदड़ की घटना के बाद लोगों ने बताया कि प्रयागराज से किसी तरह 24 से 36 घंटे बाद बस्ती पहुंच पाए हैं। यात्रियों को उनके घर पहुंचाकर बस चालक और परिचालकों ने भी सुकून की सांस ली।
थके हारे पहुंचे बस चालक व परिचालकों के चेहरे पर भी मुस्कान दिखी। उनका कहना है कि मेला से लेकर आजमगढ़ तक जगह-जगह जाम का समाना करना पड़ा है। इसकी वजह से उन्हें वापसी में इतना विलंब हुआ है। अब सुकून महसूस कर रहे हैं।
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बस चालक और श्रद्धालुओं के अनुसार, मौनी अमावस्या पर्व पर स्नान करने महाकुंभ में गए सैकड़ों लोग अब भी प्रयागराज के अलावा जगह-जगह रास्ते में फंसे हुए हैं। शुक्रवार को प्रयागराज से केवल आठ बसें ही आईं। दोपहर करीब एक बजे प्रयागराज से श्रद्धालुओं को लेकर लौटी एक बस से उतरने वाले यात्री लोकल रूट की सवारी के लिए परेशान दिखे।
दुदही क्षेत्र के छोटेलाल चौहान ने बताया कि बुधवार की दोपहर प्रयागराज से घर आने के लिए बस की तलाश शुरू की। वहां, भीड़ अधिक होने के चलते कौन सी बस कहां जाएगी, इसकी जानकारी नहीं हो पा रही थी। करीब दो बजे एक बस मिली तो उसमें किसी तरह सीट ली। वहां से पडरौना आने तक सुकून नहीं मिला है। रास्ते में जाम होने के नाते कहां-कहां भटके याद नहीं है। किसी तरह यहां पहुंचा हूं। अपनों के बीच आकर राहत महसूस हो रही है। उनके अलावा बसों से लौट रहे अन्य यात्री तत्काल अपने गंतव्य पर जाने के लिए ऑटो, टैक्सी की तलाश में जुट जा रहे थे। कुछ यात्रियों के परिजन फोन से संपर्क कर उन्हें रिसीव करने रोडवेज पर पहुंचे था। बांसगांव के निवासी धीरेंद्र प्रसाद चौहान ने बताया कि महाकुंभ में भगदड़ के दौरान दूसरे घाट पर स्नान करने पहुंचे थे। करीब आधे घंटे बाद त्रिवेणी घाट पर भगदड़ होने के बारे में जानकारी हुई तो मन में दहशत का डर बैठ गया। कुछ ही देर बाद मेला क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। किसी तरह स्नान कर घाट के आगे बढ़े तो शहर से बाहर निकलने के लिए वाहन नहीं मिल रहे थे।
15 से 20 किलोमीटर पैदल चलकर किसी तरह प्रयागराज से बाहर आए। काफी इंतजार के बाद पडरौना के लिए बस मिली। पडरौना के रामप्रवेश सिंह ने बताया कि घटना के दिन सुबह करीब 11 बजे महाकुंभ स्थल पर पहुंचा। रात करीब दो बजे हुई भगदड़ की दहशत उस समय तक थी। इसकी वजह से लोग संगम घाट से दूर ही लोगों को स्नान करना पड़ा।
धैर्य से काम लेते हुए परिवार सहित स्नान किया। फिर किसी तरह से वापस आए। घर वापसी के दौरान जौनपुर, मऊ और आजमगढ़ में जगह-जगह जाम लगा था। इसकी वजह से उनकी कार रास्ते में कई घंटे फंसी रही। किसी तरह घर पहुंचा हूं। अपनों के बीच पहुंचने पर अब सुकून महसूस हो रहा है। गोरड़िया के मिश्रौली निवासी व्यास मिश्र ने बताया कि पत्नी सीता देवी के साथ बस से महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर स्नान के लिए गए थे। वहां मौनी अमावस्या के दिन हुई भगदड़ के बाद पुलिस वालों ने जगह-जगह बैरिकेडिंग कर लोगों को संगम की तरफ जाने से रोक दिया।
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