रामपुर खुशहाल प्राथमिक विद्यालय परिसर से गुजरा बिजली का तार। संवाद
पडरौना। जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले हजारों बच्चों की जान खतरे में है लेकिन विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ रहे हैं। हालात ये हैं कि जिले के 117 परिषदीय विद्यालयों के परिसर और भवनों के ऊपर से बिजली के तार और पोल गुजर रहे हैं, बावजूद इसके इन्हें हटाने का काम अब तक शुरू नहीं हो सका है।
बेसिक शिक्षा विभाग का दावा है कि विद्यालय परिसरों से बिजली के तार और पोल हटाने के लिए जुलाई 2025 में ही 1.35 करोड़ रुपये बिजली निगम को हस्तांतरित कर दिए गए, जबकि बिजली निगम इससे इनकार करते हुए बजट न मिलने की बात कह रहा है। इस खींचतान के बीच स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे और शिक्षक हर दिन जान जोखिम में डालकर शिक्षा का काम कर रहे हैं।
एक छात्रा आ चुकी है चपेट में : पडरौना कोतवाली क्षेत्र के एक निजी विद्यालय में छत पर खेलते समय एक छात्रा करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गई थी, जिसका इलाज गोरखपुर में चल रहा है। यह घटना साफ इशारा कर चुकी है कि लापरवाही का नतीजा कितना खतरनाक हो सकता है, इसके बावजूद न तो सरकारी स्कूलों से तार हटाए गए और न ही निजी विद्यालयों व रिहायशी इलाकों में कोई ठोस कार्रवाई हुई।
बरसात में और बढ़ जाता है खतरा : शिक्षकों के अनुसार कई विद्यालयों की छतों से जर्जर और लटकते बिजली के तार गुजर रहे हैं। बरसात और तेज हवा के दौरान स्पार्किंग होती है और कई बार भवन में करंट उतरने की स्थिति बन जाती है। अभी तक बड़ा हादसा न होना महज संयोग है। इसी आशंका के चलते कई अभिभावक अपने बच्चों का नाम इन विद्यालयों से कटवा चुके हैं, जबकि जो बच्चे पढ़ रहे हैं, उनके माता-पिता हर दिन आशंकित रहते हैं।
आंकड़े भी डराने वाले :
जिले में 2464 परिषदीय और 1200 से अधिक निजी विद्यालय संचालित हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार इनमें से कम से कम 117 परिषदीय विद्यालयों के ऊपर से बिजली के तार या पोल गुजर रहे हैं। यही स्थिति कई निजी विद्यालयों और रिहायशी मकानों की भी है लेकिन इन्हें हटाने की दिशा में कोई समयबद्ध कार्ययोजना सामने नहीं आई है।
फाजिलनगर में हाईटेंशन लाइन बनी स्थायी खतरा :
फाजिलनगर ब्लॉक क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक परिषदीय विद्यालयों की छत और परिसर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। प्राथमिक विद्यालय रामपुर खुशहाल टोला में बिना किसी सुरक्षा घेराव के हाईटेंशन तार स्कूल परिसर से होकर जा रहा है। प्रधानाध्यापिका सुष्मिता तिवारी के अनुसार, कई बार विद्युत विभाग को लिखित सूचना देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
ग्राम पंचायत भानपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय परिसर में ट्रांसफार्मर खुले में लगा हुआ है, जिसके चारों ओर कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। प्रधानाध्यापक सुरेंद्र मिश्रा ने बताया कि अधिकारियों को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
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बिजली निगम का पक्ष
अधीक्षण अभियंता, कुशीनगर राकेश मोहन ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों के ऊपर से गुजर रहे तारों को हटाने के लिए कोई बजट नहीं मिला है। पत्राचार के बाद स्टीमेट बनाकर भेजा गया है। 141 विद्यालयों को चिन्हित किया गया है और तार हटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
बेसिक शिक्षा विभाग का पक्ष
बीएसए, कुशीनगर डॉ. रामजियावन मौर्य ने कहा कि विद्यालय परिसरों और भवनों से गुजर रहे बिजली के तार और पोल हटाने के लिए शासन से 1.35 करोड़ रुपये स्वीकृत कराकर जुलाई माह में ही बिजली निगम को भेज दिए गए हैं। अब कार्यवाही बिजली निगम को करनी है।