बिना सुरक्षा किट के जान जोखिम में डालकर फाल्ट ठीक करते हैं विद्युतकर्मी
बिजली कर्मियों को न हेलमेट मिलता है और न ही बेल्ट
- विद्युत निगम की लापरवाही के चलते 12 से अधिक लाइनमैनों की हो चुकी है मौत, कई घायल
- दिन हो या रात, जान जोखिम में डालकर करना पड़ता है काम
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। जनपद में फाल्ट ठीक करने के लिए कार्यरत विद्युतकर्मियों की सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं हैै। दिन हो या रात, जान जोखिम में डालकर कार्य करते हैं, लेकिन न तो इन्हें हेलमेट मिलता है न सेफ्टी बेल्ट। सुरक्षा किट की अन्य सामग्री का भी अभाव रहता है। विद्युत निगम की इस लापरवाही की वजह से कई विद्युतकर्मियों की मौत हो गई है तो कुछ जीवन भर के लिए विकलांगता का कष्ट सहने के लिए विवश हैं।
जिले में विद्युतकर्मियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। बिना सुरक्षा उपकरण के ही लाइनमैन पोल पर चढ़कर फाल्ट ठीक करते हैं। यही कारण है कि साल में कई बिजली कर्मियों की फाल्ट ठीक करते समय झुलसकर अथवा पोल से गिरने से मौत हो चुकी है। कई जीवन और मौत से जूझ रहे हैं।
पावर कारपोरेशन में विद्युत अनुरक्षण का कार्य करने वाले आउटसोर्सिंग व संविदा श्रमिकों को सुरक्षा किट देने का प्रावधान है। सुरक्षा किट में दस्ताने, प्लायर, सुरक्षा बेल्ट आदि देना होता है, ताकि पोल पर चढ़कर उन्हें लाइन ठीक करने में किसी प्रकार का जोखिम न हो। सामग्री खरीद की जिम्मेदारी निगम ने एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दी है, लेकिन विद्युतकर्मियों को सुरक्षा किट उपलब्ध नहीं कराई गई है।
बिजलीकर्मियों को दिए जाने चाहिए ये उपकरण
विद्युतकर्मियों को 18 प्रकार के सुरक्षा उपकरण दिए जाने का प्रावधान है। इसमें हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, अर्थ चेन, कटिंग प्लायर, ग्लब्स, सीढ़ी, रस्सा, चैनपुली ब्लॉक, फर्स्ट ऐड बॉक्स, टेस्टर, स्पेनर सेट, वर्दी, आईडी कार्ड, शूज, टॉर्च, स्क्रू ड्राइवर, अर्थ रॉड और रेन कोट शामिल हैं।
कार्य के दौरान कई लाइनमैनों ने गंवाई जान
14 अगस्त 2021 की रात संविदाकर्मी चाफ गांव निवासी रामाकांत यादव (35) नरहवाडीह के समीप ट्रांसफार्मर पर चढ़कर कार्य कर रहे थे। इसी दौरान करंट की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। उनके पास कोई सुरक्षा किट नहीं था। वर्ष 2018 में संविदाकर्मी फाजिलनगर निवासी दूधनाथ सिंह (50) बिना सुरक्षा किट के फाजिलनगर कस्बे में एचटी पोल पर कार्य कर रहे थे। उसी दौरान करंट की चपेट में आने से उनकी मौके पर मौत हो गई थी। नौ जून 2021 की रात लाइनमैन मुन्ना विद्युत उपकेंद्र फाजिलनगर से जुड़े बेलवा बुजुर्ग गांव के समीप एलटी तार का फाल्ट ठीक करते समय करंट की चपेट में आ गए थे। उनकी मौके पर मौत हो गई थी। 10 मार्च 2021 की रात विद्युतकर्मी सुखदेव (20) श्रीराम टोला के समीप एलटी तार में फाल्ट ठीक करते समय करंट की चपेट में आ गए थे। इससे सुखदेव की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। वह सुरक्षा किट नहीं पहने थे। 31 मार्च 2018 की शाम बाघाचौर निवासी संदीप तरयासुजान क्षेत्र के सिसवा नाहर में फाल्ट ठीक कर रहे थे। उसी समय करंट की चपेट में आ जाने से उनकी मौत हो गई। 22 जुलाई 2016 को मनीष राव (20) सोहसा मठिया कसया के समीप फाल्ट ठीक कर रहे थे। तभी करंट की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
...और भी हुए हैं हादसे
दो अक्तूबर 2016 को चौरिया निवासी राकेश यादव उदित नारायण पीजी कॉलेज के पास ट्रांसफार्मर ठीक करते समय करंट की चपेट में आ गए थे, जिससे उनकी मौत हो गई थी। वर्ष 2020 में गोविंद मिश्रा (45) की समउर बाजार में फाल्ट ठीक करते समय करंट लगने से मौत हो गई थी। वर्ष 2021 में तरयासुजान निवासी उदय शर्मा (28) गौरी इब्राहिम गांव के समीप एलटी में फाल्ट ठीक कर रहे थे। करंट की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई। वर्ष 2021 में मुकेश प्रसाद की भटवलिया में फाल्ट ठीक करते समय करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। 30 अप्रैल 2015 फाजिलनगर कस्बे से सटे नहर चौराहे पर लगे 100 केवीए के ट्रांसफार्मर में फाल्ट ठीक करते समय 11 वोल्ट की करंट की चपेट में आ गए थे। इसका वह झुलस गए थे।
वर्जन
एक निजी कंपनी को सुरक्षा किट मुहैया कराने की जिम्मेदारी दी गई है। उसका टेंडर समाप्त हो गया है। कुछ विद्युतकर्मियों को सुरक्षा किट मिल चुका है। नए कर्मियों को जल्द ही सुरक्षा उपकरण मुहैया करा दिया जाएगा।
राकेश गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, कुशीनगर