कांपते हाथ से बुुजुर्गों ने किया मतदान
गुरवलिया बाजार(कुशीनगर)। चुनाव में इस बार प्रशासन अपने दावों पर खरा नहीं उतर सका है। बुजुर्गों और दिव्यांगों को घर-घर जाकर मतदान सुविधा नहीं मिल पाई है। बृहस्पतिवार को फाजिलनगर विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न बूथों पर ऐसे कई वयोवृद्ध व शरीर से कष्टग्रस्त बीमारी झेल रहे दिव्यांग दिखे, जो डगमाते पैर और कांपते हाथ से मतदान किया। इसमें उनके परिवार के लोग मदद किया।
विधानसभा फाजिलनगर के गांव कोरेया निवासी बिरझन चौहान 110 वर्ष को वोट डालने में उनके पुत्र दारा सिंह चौहान ने मदद किया। वह चलने फिरने में असमर्थ हैं, लेकिन उसके बाद भी अपना कर्तव्य लोकतंत्र के प्रति नहीं भूले।
पगरा प्रसाद गिरी निवासी 107 वर्षीय चानमती फ्री चलने फिरने में असमर्थ हैं। उनके प्रपौत्र अभिषेक सिंह के साथ बूथ पर आए थे। अभिषेक ने बताया कि दादी शारीरिक रूप से निर्बल हो गए हैं। इसलिए उन्हें बूथ तक लाने में दिक्कत हुई, लेकिन उन्होंने मतदान करने के लिए जिद्द कर रखा था।
सोन्दिया बुजुर्ग निवासी 95 वर्षीय हबी मियां भी अपने पौत्र और डंडे के साथ लोकतंत्र के इस महाउत्सव में प्रतिभाग करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को मतदान कर देश के विकास में योगदान देना चाहिए।
खुदरा अहिरौली निवासी सौ वर्षीय हरिहर गुप्ता को उनका पौत्र साइकिल से उन्हें मतदान दिलाने आया था। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के उत्सव में भागीदारी सुनिश्चित करने प्रत्येक भारतीय की नैतिक जिम्मेदारी है। सोंदिया बुजुर्ग की 99 वर्षीय फूलमती ने भी अपने नाती के साथ मतदान बूथ पर जाकर मतदान में अपनी भूमिका का निर्वहन किया।
मतदान के बाद इलाज कराने गए अस्पताल
जौरा बाजार। विशुनपुरा निवासी सुधाकर उपाध्याय कैंसर से पीड़ित हैं। उनका लखनऊ के राममनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। तबीयत में सुधार हो रहा है। बृहस्पतिवार को मतदान करने गांव पहुंचे और मतदान देकर पुन: लखनऊ रवाना हो गए।