सुमही बुजुर्ग उर्फ मेहदिया में ईद की नमाज के लिए सजा ईदगाह।संवाद
पडरौना। ईद-उल-फित्र को लेकर शहर की मस्जिदों और ईदगाहों में सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। शव्वाल का चांद नजर आने पर शनिवार को ईद का त्योहार मनाया जाएगा। ईद की नमाज के लिए विभिन्न मस्जिदों में रंग-रोगन, साफ-सफाई और व्यवस्थाएं पूरी की जा रही हैं।
रमजान के 30 रोजे और विशेष इबादतों के पूर्ण होने के बाद मुस्लिम समुदाय ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे उत्साह, श्रद्धा और भाईचारे के साथ मनाएगा। यह इस्लाम धर्म का एक प्रमुख और पवित्र त्योहार है, जो त्याग, संयम, दान और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। वहीं ईद को लेकर शुक्रवार की शाम बाजार में देर शाम तक रौनक देखने को मिली। शनिवार को शहर के सात ईदगाहों में नमाज अदा की जाएगी।
ईद-उल-फितर को खुशी और इनाम का दिन माना जाता है। पूरे रमजान के दौरान रोजेदारों द्वारा रखे गए रोजों और की गई इबादतों के बदले इस दिन अल्लाह तआला अपनी रहमतें और सवाब अता करते हैं। इस अवसर पर फितराना (दान) देने की विशेष परंपरा है, जिसके माध्यम से जरूरतमंद और गरीब तबके के लोग भी ईद की खुशियों में बराबरी से शामिल हो सकें।
धार्मिक मान्यता है कि फितराना अदा किए बिना ईद की खुशी अधूरी मानी जाती है। ईद के दिन अदा की जाने वाली विशेष नमाज इसका मुख्य आकर्षण होती है। इसमें अमीर-गरीब, छोटे-बड़े एक साथ इकट्ठा होकर अल्लाह की इबादत करते हैं और आपसी गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को गले लगाते हैं।
यह पर्व सामाजिक एकता, भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। जिले में ईद-उल-फितर के शहर के सात ईदगाहों में नमाज अदा की जाएगी। ईद के त्योहार को लेकर मुस्लिम समुदाय के लोग करीब एक हफ्ते पहले से ही शहर से लेकर गावों के मस्जिदों व ईदगाहों की साफ -सफाई, पेंटिग का कार्य व सजावट करने में जुटे थे। ईद के लिए मस्जिदों व ईदगाहों को सजा दिया गया।