पडरौना। शहर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा। सुभाष चौक से बावली चौक तक सड़क चौड़ी होने के साथ जर्जर विद्युत पोल व तार बदलकर पथ प्रकाश व्यवस्था को और बेहतर किया जाएगा। वहीं फुटपाथ के दुकानदारों को स्थाई जगह मिलेगी। इसके लिए नगर पालिका प्रशासन की तरफ से तैयारी तेज कर दी गई। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए नगर पालिका की तरफ से 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है।
पंचवर्षीय योजना के तहत पडरौना नगर पालिका परिषद की तरफ से शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। शासन को भेज गए प्रस्ताव में सुभाष चौक से बावली चौक स्थित महाराणा प्रताप चौक तक रामकोला रोड को चौड़ाकर नए सिरे से नाला का निर्माण कर अलग से पाथवे बनाया जाएगा। जहां दिन के समय लोग पैदल आ जा सकेंगे। इसके अलावा सुबह के समय शहर के लोग टहल सकेंगे।
शासन को भेज गए प्रस्ताव में शहर के जलकल परिसर में हॉल बनाने की योजना है। इसके अलावा शहर के सभी मोहल्लों में सीवरेज एवं जल निकासी योजना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना, वंदन योजना, नगरीय तालाब व पोखर संरक्षण योजना, पेयजल व्यवस्था योजना आदि को भी शामिल किया गया है।
यही नहीं नगर के मुख्य चौराहों का सुंदरीकरण, पार्कों का सुंदरीकरण, वार्डों में पिंक व सार्वजनिक शौचालय का निर्माण, सरकारी स्कूलों में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, सेफ सिटी से सीसीटीवी कैमरा की स्थापना, नगर क्षेत्र में मिनी स्टेडियम का निर्माण कार्य, स्मार्ट पोल एवं एलईडी लाइट, सिग्नल लाइट की स्थापना स्मार्ट सिटी बनाने के लिए की जाएगी। इसके साथ-साथ सोलर बेंच, सोलर पार्क एवं स्मार्ट बिन की स्थापना भी योजना में शामिल है।
फुटपाथ पर संचालित दुकानों को हटाकर उन्हें शहर में स्थाई दुकान दिया जाएगा। इसके लिए शहर में जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। शहर के सुभाष चौक स्थित अंबेडकर पार्क को छोड़ दें तो अन्य कोई टैक्सी स्टैंड नहीं है। जबकि बस स्टेशन के सामने, कठकुइयां मोड़, जटहां रोड, रामकोला रोड, मुख्य पश्चिमी गंडक नहर की पटरी पर अस्थाई टैक्सी स्टैंड बना है।
इसके चलते यहां हर दिन लोगों को जाम की समस्या से परेशान होना पड़ता है। इस समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए शहर में स्थाई टैक्सी स्टैंड बनाने के लिए नगर पालिका जमीन की तलाश करेगी।