कप्तानगंज में मूर्ति रोक कर हंगामा करते लोग।स्रोत-सोशल मीडिया
कप्तानगंज। कस्बे में मूर्ति विसर्जन के लिए निकला जुलूस रास्ते में एक मकान का छज्जा होने के कारण शुक्रवार की रात रुक गया। आयोजक प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। उनका आरोप था कि शांति कमेटी की बैठक में रास्ते में पड़ने वाले मकान के छज्जे हटवाने की मांग की गई थी, लेकिन जिम्मेदारों ने उस समय ध्यान नहीं दिया। इसके बाद मामला बढ़ता देख एसडीएम और सीओ पहुंचे। आयोजकों से बात करने के बाद मकान के छज्जे को तोड़वाया। तब जाकर जुलूस विसर्जन के लिए तड़के निकल सका। करीब चार घंटे तक जुलूस रुका रहा। कप्तानगंज कस्बे से देवी प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस देर शाम को निकला। डीजे की धुन पर विसर्जन के लिए आयोजक व लोग जा रहे थे। रात करीब 11 बजे जुलूस छावनी रोड पर पहुंचा तो एक मकान का छज्जा टकराने लगा। इससे जुलूस आगे नहीं बढ़ पा रहा था। इस कारण करीब डेढ़ किमी मीटर लंबा जुलूस वहीं रुक गया। आयोजक छज्जा तोड़ने की मांग करते हुए हंगामा करने लगे।
वहीं मकान मालिक छज्जा तोड़ने के लिए तैयार नहीं था। पुलिस ने लोगों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन नाराज लोग मानने को तैयार नहीं थे। इसके बाद एसडीएम विनोद कुमार और सीओ कुंदन सिंह पहुंचे। मूर्ति आयोजकों से बात करने के बाद मकान का छज्जा तोड़वाया। इसके चलते करीब चार घंटे तक विसर्जन जुलूस रूका रहा। भोर में प्रतिमाओं का विसर्जन लोगों ने किया। इससे पहले विसर्जन जुलूस रुकने के बाद पुलिस व प्रशासन अलर्ट हो गया। आयोजकों का आरोप था कि शांति कमेटी की बैठक में जुलूस वाले रास्ते से मकान का छज्जा हटाने की मांग की गई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस ने ध्यान नहीं दिया।
विसर्जन जुलूस रुकने के चलते कस्बे समेत ग्रामीण क्षेत्र की पूरी रात बिजली भी ठप रही। एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता ने बताया कि नर्वदेश्वर तिवारी के बने मकान का छज्जा मां दुर्गा की प्रतिमा से टकरा रहा था। इसके चलते प्रतिमा आगे नहीं निकल पा रही थी। इससे नाराज आयोजकों ने जुलूस रोक दिया था। छज्जा तोड़ने को लेकर समितियों के कार्यकर्ताओं और मकान के मालिक के बीच नोकझों हुई। समझा-बुझाकर नर्वदेश्वर तिवारी की सहमति से छज्जा को थोड़ा गया। इसके बाद विसर्जन जुलूस आगे बढ़ा।