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Kushinagar News: ओटीपी नहीं मिलने से रजिस्ट्री में दिक्कत, लोगों का बढ़ रहा इंतजार

Wed, 04 Feb 2026 01:10 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। आधार से बैनामा की नई व्यवस्था लागू होने के बाद तकनीकी खामियां सामने आने लगी हैं। प्रदेश में संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए अनिवार्य किए गए आधार ओटीपी आधारित सत्यापन के कारण जमीन की खरीद बिक्री की प्रक्रिया धीमी हो गई है। यह नई व्यवस्था फर्जीवाड़े को रोकने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए लागू की गई है, लेकिन नेटवर्क और मोबाइल नंबर की समस्याओं से लोगों को रजिस्ट्री कराने में दिक्कत उठानी पड़ रही है। आधार कार्ड अपडेट न होने के कारण मोबाइल नंबर पर ओटीपी नहीं पहुंच रही है। आवेदनों का सत्यापन नहीं हो सका, जिससे पंजीयन में समस्याएं आईं। हालत यह रही कि कार्य दिवस के दूसरे दिन मंगलवार को 12 पक्षकारों को बिना बैनामा कराए ही लौटना पड़ा। बैनामों में आधार सत्यापन की नई व्यवस्था शुरू होने के पहले दिन से ही लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कहीं ओटीपी न आने की समस्या रही तो कहीं आधार व खतौनी के नाम में अंतर होने से कईयों की रजिस्ट्री का काम अटक जा रहा है।
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सामान्य दिनों की अपेक्षा 40 से 50 प्रतिशत रजिस्ट्री में कम हो रही है। हालांकि विभागीय अफसरों का दावा कि नई व्यवस्था के तहत कोई विशेष दिक्कतें नहीं आई है। सामान्य दिनों की तरह ही बैनामे हुए हैं। जिले में छह रजिस्ट्री कार्यालय है। पडरौना रजिस्ट्री कार्यालय में नए नियम लागू होने के पहले दिन यानी दो फरवरी को कुल 28 लोगों ने जमीन बैनामे कराने के लिए पंजीकरण किया, लेकिन आधार सत्यापन की नई व्यवस्था के चलते केवल 18 लोगों के ही बैनामे हो सके। यह हाल मंगलवार को भी रहा।
इस दिन कुल 29 लोगों ने जमीन बैनामा कराने के लिए पंजीकरण कराया, लेकिन 18 लोगों ने जमीन की रजिस्ट्री करा सके, जबकि 12 लोगों का आधार सत्यापित होने के चलते वापस होना पड़ा। अब तक बिना आधार सत्यापन बैनामें होते रहे, लेकिन सोमवार से रजिस्ट्री कार्यालयों में ही आधार सत्यापन में सब ओके होने पर ही बैनामे किए जा रहे हैं।
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अधिकतर को नहीं पता आधार में कौन सा दर्ज है नंबर
कप्तानगंज। बैनामो की प्रक्रिया में ओटीपी की एक बड़ी समस्या देखने को मिली। कईयों के पंजीकरण के दौरान ओटीपी न आने से बैनामे की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। कईयों को नहीं पता था कि उनके आधार में किसी का मोबाइल नंबर लगा है। पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान आधार नंबर डालने पर संबंधित मोबाइल पर ओपीटी आती है।

जमीन की रजिस्ट्री के लिए लागू हुए नए नियम ने लोगों को खूब परेशान किया। जमीन की खरीद और बिक्री के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। 31 जनवरी को 18 रजिस्ट्री हुई थी। वहीं दो फरवरी से नए नियम लागू होते ही रजिस्ट्री कराने वाले लोगों की संख्या में कमी हो गई। मंगलवार को जमीन की रजिस्ट्री कराने तहसील आए शिवपुर मठिया निवासी नंदलाल ने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री कराने दो फरवरी को भी आया था, लेकिन ओटीपी नहीं आने से रजिस्ट्री नही हुई। आज भी आया हूं, अब देखा जाए कि आज क्या होता है। पगार गांव के अक्षयवर ने बताया कि नए नियम के तहत जमीन बैनामा कराने की प्रक्रिया कठोर हो गई है। सोमवार को भी रजिस्ट्री कराने आया था, लेकिन आधार अपडेट नहीं होने से ओटीपी नही आया, जिससे बैनाम नही हुआ। आज दूसरे दिन रजिस्ट्री करने आया हूं।
कसया संवाद के अनुसार मंगलवार की सुबह से ही कसया रजिस्ट्री कार्यालय के बाहर लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। जमीन की रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोग उम्मीद लगाए बैठे थे कि नया सिस्टम जल्दी काम करेगा, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, इंतजार बढ़ता चला गया। दोपहर एक बजे तक स्थिति यह रही कि पूरे कार्यालय में महज तीन रजिस्ट्री ही पूरी हो सकी। काउंटर नंबर एक पर बैठे कर्मचारी बार-बार कंप्यूटर स्क्रीन की ओर देख रहे थे। वे कभी ओटीपी अभी नहीं आया, सर्वर स्लो है, नेटवर्क पकड़ में नहीं है समेत अन्य समस्या बता रहे थे। नए नियम के तहत अब जमीन की खरीद-बिक्री में क्रेता और विक्रेता दोनों को ओटीपी नंबर देना अनिवार्य कर दिया गया है। जैसे ही आधार से मोबाइल नंबर लिंक करने की प्रक्रिया शुरू हुई, दिक्कतें सामने आने लगीं। कई मामलों में आधार से मोबाइल नंबर फीड ही नहीं हो पा रहा था। रजिस्ट्री कार्यालय के कर्मचारियों के मुताबिक, आधार कार्ड एप के माध्यम से कई लोगों का बायोमेट्रिक लॉक मिला। उसे खोलने में 15 से 20 मिनट का समय लग गया। खतौनी और आधार कार्ड में नाम की थोड़ी-सी भी असमानता मिलने पर रजिस्ट्री रुक जा रही है। कुछ लोगों को दस्तावेज दुरुस्त कराने के लिए वापस लौटना पड़ा। एक बुजुर्ग ने कहा कि पहले आधे घंटे में रजिस्ट्री हो जाती थी, अब ओटीपी और सर्वर के चक्कर में ज्यादा समय लग रहा है।
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