पडरौना। जिले में रसोई गैस का संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन कुछ न कुछ नया पेंच व तकनीकी उलझनों के चलते उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ रहा है। अब भी ई-केवाईसी पर डीएसी की प्रक्रिया थमी नहीं है, इसके चलते उपभोक्ता गैस एजेंसी कार्यालय व गोदाम का चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी समस्याा जस की तस है।
कोई जिम्मेदार सुनवाई तक नहीं कर रहा है, ताकि समाधान किया जा सके। वहीं, प्रशासन के दावे में हर जगह गैस की आपूर्ति भरपूर है,लेकिन हकीकत में हर जगह किल्लत है। इसकी असली वजह संचालकों के अनुसार,पहले से काफी कम मात्रा में आपूर्ति का होना बताया जा रहा है। इसके चलते आए दिन बैकलॉग का ग्राफ भी बढ़ता जा रहा है। इससे परेशानी कम होने की जगह बढ़ती जा रही है।
गैस सिलिंडर की आपूर्ति में तकनीकी पेंच भी उपभोक्ताओं को परेशान कर रही है। हालांकि कंपनियों की तरफ से ई-केवाईसी व डीएसी व्यवस्था शुरू की गई,ताकि कालाबाजारी व पारदर्शी वितरण किया जा सके,लेकिन यह उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का सबब बन गया है। मनमाने तरीके से बुकिंग के बाद मैसेजे आ रहे हैं,जिनका अनुपालन नहीं हो पा रहा है और उपभोक्ता गैस डिलीवर के बाद भी वास्तव में सिलिंडर नहीं पा रहा है। यह इस वितरण व्यवस्था से अपनों का ठगा सा महसूस कर रहा है।
एक लाख 32 हजार से ऊपर पहुंचा बैकलाॅग
वर्तमान में जिले में संचालित 97 गैस वितरक केंद्रों पर एक लाख 32 हजार से अधिक बैकलॉग का आंकड़ा जा रहा है।