दुदही। दियरा क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए रामपुर बरहन में तीन बेड का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बना है, लेकिन यहां कभी-कभार ही डॉक्टर मरीजों का उपचार करने पहुंचते हैं।
शुक्रवार को अमर उजाला ने पीएचसी की लाइव की तो यह डॉक्टर पहुंचे ही नहीं थे और उनकी जगह यहां तैनात स्वीपर ही मरीजों को दवा दे रहा था। अमर उजाला में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए सीएमओ ने यहां तैनात डॉक्टर का वेतन बाधित कर दिया है और स्वीपर को कार्यमुक्त करने के लिए सेवा प्रदाता कंपनी को संस्तुति की है। दुदही क्षेत्र के रामपुर बरहन, रामपुर पट्टी, चौबेया पटखौली, अमवादिगर, धोकरहा खानगी, भवानीपुर, बकुलहवा, रामपुर जमुनिया गोबरही, परोरही समेत दर्जनों गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही थी। लोगों की समस्याओं को देखते हुए तत्कालीन विधायक डॉ. पीके राय के प्रयास से सात जून 2004 को तीन बेड का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दो करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ था। यहां चिकित्सकों व कर्मियों को रहने के लिए भवन भी बना है। पहले यहां चिकित्सकों की तैनाती थी। प्रत्येक दिन 100 से 150 मरीजों की ओपीडी होती थी। लेकिन, यहां तैनात डॉक्टर अपने मनचाहे अस्पतालों पर तैनाती कराकर चले गए। एक डॉक्टर की मौजूदा समय में तैनाती है, लेकिन वे अक्सर यहां से गायब रहते हैं। इसके चलते मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शुक्रवार को यहां डॉक्टर की अनुपस्थिति में स्वीपर मरीजों का इलाज करते मिला था।
खबर प्रकाशित होने के बाद सीएमओ डॉ. सुरेश पटारिया ने इसका संज्ञान लिया और वहां तैनात डॉक्टर का वेतन बाधित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस संबंध में सीएमओ डॉ. पटारिया ने बताया कि यह गंभीर विषय है।
जिन अस्पतालों पर डॉक्टर की तैनाती है, वहां उन्हें रहना ही रहना है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रामपुर बरहन पीएचसी के डॉक्टर का वेतन बाधित किया गया है। जबकि स्वीपर अंकित शाही को हटाने के लिए सेवा प्रदाता कंपनी को पत्र लिखकर इसकी संस्तुति की गई है।
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