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खाली रहे डॉक्टरों के कक्ष, इंतजार के बाद लौटे मरीज

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जिला अस्पताल की ओपीडी में खाली पड़ी फिजिशियन की कुर्सी। संवाद - फोटो : KUSHINAGAR
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खाली रहे डॉक्टरों के कक्ष, इंतजार के बाद लौटे मरीज
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जिला अस्पताल में प्रतिदिन एक हजार से अधिक मरीज कराने आते हैं इलाज
पडरौना। जिला अस्पताल में डॉक्टरों के समय से ‘कक्ष’ में नहीं बैठने से दूरदराज से आए मरीजों को दिक्कत होती है। देर तक इंतजार करने के बाद मरीज लौट जाते हैं। बुधवार को भी यह स्थिति अस्पताल में देखने को मिली।
जिला अस्पताल में प्रतिदिन 1000 से अधिक मरीज इलाज कराने आते हैं। बुधवार को जब मरीज कक्ष संख्या एक में पहुंचे तो नेत्र रोग विशेषज्ञ की कुर्सी खाली थी। काफी देर तक मरीज डॉक्टर का इंतजार करते रहे। कक्ष संख्या चार में भी वरिष्ठ सलाहकार की भी कुर्सी खाली रही। कक्ष संख्या पांच में भी बाल रोग विशेषज्ञ नहीं थे। बच्चों को लेकर इलाज कराने आए परिजन उनका काफी देर तक इंतजार करते रहे। कुछ मरीज डॉक्टरों की तलाश में इमरजेंसी से लेकर कार्यालय तक भटकते नजर आए। ओपीडी में लाइन में खड़े मरीज जब थक गए तो फर्श पर बैठ गए। फिर भी डॉक्टर नहीं पहुंचे। ओपीडी का समय समाप्त होने के बाद अधिकांश मरीज लौट गए।
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इन डॉक्टरों का हो गया है स्थानांतरण
शासन स्तर से बड़े पैमाने पर हुए स्थानांतरण में जिले के डॉक्टर भी शामिल हैं। जिला अस्पताल से आठ डॉक्टरों का स्थानांतरण हुआ है। यहां स्वीकृत डॉक्टरों के 30 पदों में बाल रोग विशेषज्ञ, वरिष्ठ सलाहकार, त्वचा रोग विशेषज्ञ, दंत रोग विशेषज्ञ और सर्जन सहित आठ डॉक्टर स्थानांतरित हुए हैं। इनके एवज में जिन चार डॉक्टरों की तैनाती हुई है, उन्होंने कार्यभार नहीं संभाला है। जिला अस्पताल में ईएमओ, महिला चिकित्साधिकारी, हृदय रोग विशेषज्ञ, गायनोकोलॉजिस्ट सहित 21 डॉक्टरों के पद रिक्त हैं।
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पांच दिन से तबीयत खराब है। सुबह आठ बजे से ओपीडी के बाहर डॉक्टर का इंतजार कर रहा हूं। 12 बजने वाले हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं आए हैं।
गंगा, रहसू
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रिश्तेदार का इलाज कराने आया हूं। घंटों इंतजार के बाद डॉक्टर के नहीं आने पर मजबूर होकर वापस घर लेकर जा रहा हूं।
उमेश राय, तीमारदार, कोहरवलिया
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अक्सर डॉक्टर समय से अपने कक्ष में नहीं बैठते हैं। मां की तबीयत खराब है। डॉक्टर के नहीं रहने से परेशानी हो रही है।
शिवकुमार यादव, टड़वा
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सुबह बिना भोजन किए आया हूं। अब 11 बज गए हैं, लेकिन डॉक्टर नहीं आए हैं। गर्मी में लाइन में खड़े रहने से हालत खराब हो गई है।
अवधेश कुमार यादव, नौका टोला, तीमारदार
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कोट
जिला अस्पताल में तीन डॉक्टर सहित चार को रिलीव कर दिया गया है। यहां के लिए स्थानांतरित किए गए चारों डॉक्टरों में से किसी ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। डॉक्टरों के स्थानांतरण से मरीजों की परेशानी बढ़ी है।
डॉ. एसके वर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल
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