दो धाराओं में बंटी गंडक, पीपा पुल लगाने में हो रहा विलंब
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गंडक नदी के दोनों तरफ के करीब 50 हजार लोगों को आवागमन में हो रही परेशानी
खड्डा (कुशीनगर)। भैसहां में गंडक नदी की दो धाराएं बनने से पीपा पुल लगाने में काफी मशक्कत हो रही है। इस कार्य में विलंब के चलते नदी के दोनों तरफ की लगभग 50 हजार आबादी प्रभावित है। दोनों तरफ के लोगों को अपनी जरूरतों से आने-जाने के लिए जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करनी पड़ रही है या फिर नौ की जगह 45 किलोमीटर का चक्कर काटना पड़ रहा है।
गंडक नदी के भैसहां घाट पर पीपा पुल लगाने का काम करीब एक माह से चल रहा है। इस वर्ष भैसहां में गंडक नदी की दो धाराएं बह रही हैं। भैसहां गांव के छितौनी तटबंध के पास बह रही धारा पर पीपा पुल लगाया जा चुका है। जबकि इस नदी की दूसरी धारा लगभग 300 मीटर दूर है। ग्रामीण बताते हैं कि जब गंडक नदी का जलस्तर बढ़ा था, तब पीपा को उस धारा में नहीं ले जाया गया। नतीजा यह हुआ कि अचानक जलस्तर कम हो गया और उसके बाद पीपा ले जाना कठिन हो गया। कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग में दूसरी धारा पर पुल लगाने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही।
इसकी जानकारी होने पर डीएम एस. राजलिंगम और एसडीएम उपमा पांडेय के निर्देश के बाद पुल लगाने का कार्य शुरू किया गया, लेकिन वह पूरा नहीं हो सका है। ऐसी दशा में लोग नाव से किराया देकर नदी पार कर रहे हैं या फिर बिहार के रास्ते आने-जाने को विवश हैं। भैसहां के अजय शर्मा, बसंतपुर के जवाहिर कुशवाहा, नंदू, मरिचहवा के ग्राम प्रधान इजहार अंसारी, बसंतपुर के नथुनी, चंद्रिका और मुंशी सहित आदि लोगों का कहना है कि पीपा पुल लगाने में हो रहे विलंब के चलते या तो नाव से नदी पार कर आना-जाना पड़ रहा है या फिर दूसरे रास्तों से लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।
इसलिए पीपा पुल की मिली थी मंजूरी
कुशीनगर की खड्डा तहसील और महराजगंज जनपद की निचलौल तहसील के गंडक नदी के बाईं तरफ बसे करीब 50 हजार लोगों के लिए यह पीपा पुल लगाया गया था, ताकि बरसात के मौसम को छोड़कर बाकी हर मौसम में सुलभ व सीधा मार्ग उपलब्ध हो सके। यहां मार्च 2020 में पहली बार पीपा पुल लगाया गया था। इसके बाद ग्रामीणों को खड्डा तहसील मुख्यालय पहुंचने के लिए बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के जंगल होते हुए करीब 45 किमी की दूरी घटकर मात्र नौ किमी में सिमट गई।
दूसरी धारा में पीपा लगाने का कार्य चल रहा है। नदी की दो धाराएं हो जाने से पीपा पुल लगाने में दिक्कत आ रही है। नदी का स्वभाव व रुख ऐसा है कि चाहकर भी पुख्ता इंतजाम नहीं हो पाता है। इसके बावजूद प्रयास रहता है कि समय से यह पुल संचालित हो जाए, जिससे जनता को नदी के दोनों तरफ आने जाने में सहूलियत मिले।
जेसी शर्मा, अवर अभियंता