डीएम ने परखी बोर्ड परीक्षा की व्यवस्था
सीसीटीवी संचालित रखने के दिए निर्देश
परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण किया, जाना हाल
कसया(कुशीनगर)। बुद्ध इंटर कॉलेज कुशीनगर में बृहस्पतिवार को बने कंट्रोल रूम और प्रश्नपत्रों के लॉकर का डीएम ने निरीक्षण किया। उन्होंने परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी कक्ष और प्रश्नपत्र एवं उत्तर पुस्तिकाओं के डबल लॉक का भी निरीक्षण किया। केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए।
डीएम एस. राजलिंगम ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे संचालित रहने चाहिए। परीक्षा डयूटी में लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को नकलविहीन व शांतिपूर्ण परीक्षा कराने के लिए दिशा निर्देश दिए। लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
डीएम ने बृहस्पतिवार को परीक्षा केंद्र बुद्ध इंटर कॉलेज सहित कई अन्य परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट और प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट लगाए गए हैं। कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी की जा रही है। उन्होंने कक्ष निरीक्षक सहित समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों को गंभीरता से ड्यूटी करने व समय से अपनी डयूटी स्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए।
इस मौके पर एएसपी रितेश सिंह, डीआईओएस मनमोहन शर्मा, एसडीएम वरुण कुमार पांडेय, हरिकेश सिंह आदि मौजूद रहे।
दोनों पालियों में 7,261 परीक्षार्थियों ने दी परीक्षा
पडरौना। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटर की बृहस्पतिवार को परीक्षा हुई। दोनों पॉलियों में 8,125 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 7,261 परीक्षार्थी ही सम्मिलित हुए। इस दिन 864 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गई।
डीआईओएस मनमोहन शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार को प्रथम पाली में हाईस्कूल की कृषि विषय की परीक्षा थी। इसमें 274 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिसमें से 268 ने परीक्षा छोड़ दी। दूसरी पाली में संस्कृत पूर्व मध्यमा में 582 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें से 315 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 267 ने परीक्षा छोड़ दी। उत्तर मध्यमा दितीय में पंजीकृत 360 में 244 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, 116 ने परीक्षा छोड़ दी। उन्होंने बताया कि इंटरमीडिएट की इतिहास विषय की परीक्षा थी। इसमें 6,911 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिसें से 6,435 परीक्षार्थी ने परीक्षा दी। 476 ने परीक्षा छोड़ दी। संवाद