पडरौना। दिवाली के मौके पर हुई आतिशबाजी ने शहर की हवा को बिगाड़ दिया। सोमवार की रात आतिशबाजी के चलते हवा की गुणवत्ता काफी खराब हो गई।
इसकी वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पटाखों के धमाकों के बीच एक्यूआई 174 पहुंच गया। इस वजह से मंगलवार को भी सुबह करीब छह बजे तक धुंध छाई रही, जबकि पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहे।
वायु प्रदूषण का स्तर खराब होने से सांस के मरीजों को अधिक समस्या हुई। स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें अस्पताल में जाकर इलाज कराना पड़ा। दिवाली के बाद वायु प्रदूषण में वृद्धि दर्ज की गई है। त्योहार पर हुई आतिशबाजी के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 174 तक पहुंच गया। वहीं रविवार को एक्यूआई 80 था। रोशनी के पर्व दिवाली पर आतिशबाजी भी खूब हुई।
दिवाली की रात आसमान पटाखों से जगमगाया। वहीं अगली सुबह उसी आसमान में वायु प्रदूषण देखने को मिला।
दिवाली की रात शहर का एक्यूआई 174 के तक पहुंच गया। त्योहार के दौरान पटाखों का अत्यधिक उपयोग, बढ़ती गाड़ियों की संख्या और तापमान में हल्की गिरावट के बाद हवा का ठहराव समेत इन तीनों ने मिलकर शहर की वायु गुणवत्ता को प्रदूषित बना दिया है। वायु गुणवत्ता सूचकांक में प्रति घंटे 10 से 15 अंकों का उतार-चढ़ाव देखा गया। कुछ सांस के मरीजों को समस्या होने पर उन्हें दवा कराने के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा, हालांकि डॉक्टर ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया। मौसम के जानकारों ने इस सप्ताह हवा की गुणवत्ता ठीक नहीं रहने की आशंका जताई है। हवा की गुणवत्ता का स्तर 186 से 206 के आसपास बने रहने का अनुमान जताया है।
आपदा विशेषज्ञ रवि राय ने बताया कि पीएम 10 की मात्रा 100 से अधिक होना सेहत के लिए हानिकारक होता है। रसायन विज्ञान के प्रवक्ता डॉ. आलोक शुक्ल ने बताया कि हवा में पीएम-10 यदि 80 से अधिक होता है, तो यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक बन जाता है।
पिछले साल के मुकाबले कम रहा एक्यूआई : दिवाली के दिन रविवार के मुकाबले हवा का प्रदूषण स्तर भले ही बढ़ा हुआ दर्ज किया गया लेकिन पिछले साल के मुकाबले प्रदूषण का स्तर इस वर्ष कम रहा। इस वर्ष एक्यूआई 174 दर्ज किया, जबकि पिछले साल यह एक्यूआई 195 तक पहुंच गया था।
सांस और हृदय रोगियों की बढ़ी परेशानी : सरकारी और निजी अस्पतालों में सांस और हृदय रोगियों की संख्या बढ़ गई है। शुक्रवार को निजी अस्पताल में हृदय रोग से पीड़ित 20 लोग पहुंचे। पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय पडरौना के प्रभारी चिकित्साधिकारी हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव सुमन ने बताया कि तेज आवाज और धुएं के कारण हृदय रोग के मरीजों की तकलीफ बढ़ गई।
इसके चलते सामान्य मरीजों को दिक्कत होती है, जबकि हृदय रोगियों की दवा की खुराक समायोजित करने की नौबत आ रही है। उन्होंने बताया कि सामान्य दिनों की अपेक्षा शुक्रवार और शनिवार को हृदय रोग और अस्थमा से पीड़ित मरीजों की करीब डेढ़ गुनी बढ़ी है। उन्हें दवा के साथ परहेज करने की सलाह दी गई है। आ