पडरौना। नए वर्ष में शहर विकास के पथ पर फर्राटा भरने के लिए तैयार है। 2025 में पडरौना को कई सौगातें मिलेंगी। शहर में चल रही विकास परियोजनाओं में कुछ का निर्माण कार्य पूरा हो गया है तो कुछ निर्माणाधीन है।
इसमें से महत्वपूर्ण पडरौना में बनने वाला अंडरपास व आरओबी के अलावा बाईपास मार्ग है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर जाम से जूझ रहे शहरवासियों को निजात तो मिलेगी ही साथ ही नेपाल का सफर भी वह दो घंटे में ही पूरा कर सकेंगे। उन्हें गोरखपुर के रास्ते नेपाल होकर जाने के बजाए, उन्हें सीधा रास्ता मिल जाएगा।
जिला मुख्यालय बनने के बाद हजारों लोग सरकारी और गैर सरकारी कार्यों से हर दिन पडरौना आते हैं। यही नहीं बिहार का पड़ोसी जिला होने के चलते व्यापारिक गतिविधियां भी अधिक रहती हैं। ऐसे में शहर में आने वाले वाहनों की संख्या दिन ब दिन बढ़ती जाती है। इससे पडरौना में हर दिन जाम की समस्या आम हो गई है। छुट्टी होने के बाद कार्य दिवसों में शहर की मुख्य सड़कों पर लोगों का चलना दूभर हो जाता है।
हालत यह है कि करीब तीन किलोमीटर की परिधि में बसे शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक जाने में लोगों को एक से डेढ़ घंटे का समय जाता है। इन समस्याओं से लोगों को निजात मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा पडरौना के रास्ते नेपाल जाने वाले लोगों की यात्रा भी सुगम हो जाएगी। नेपाल के झुलनीपुर से तमकुहीराज के एनएच-28 के रास्ते बिहार जाने वाले गंडक नहर की पटरी पर टू-लेन सड़क का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है।
इस सड़क के अधिकांश हिस्से का निर्माण कार्य भी पूरा करा लिया गया है। जिले से जाने वाले लोग पहले गोरखपुर के रास्ते सोनौली बार्डर होकर जाते थे, वहीं इस सड़क के निर्माण हो जाने से करीब 50 किमी दूरी कम हो जाएगी।