दुदही। दुदही नगर पंचायत में मुख्यमंत्री सृजन योजना के तहत लगभग 39.09 लाख रुपये की लागत से नाली निर्माण परियोजना पर विवाद खड़ा हो गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नाली का निर्माण टेंडर स्थल पर न कराकर दूसरे स्थान पर कराया गया और कार्य मानक के विपरीत किया गया। आधा अधूरा नाली निर्माण कराने वाले फर्म का नगर पंचायत प्रशासन की ओर से भुगतान भी कर दिया गया है।
दुदही नगरवासी मनोज कुंदन का कहना है कि 17 मार्च 2023 को गांधी चौक क्षेत्र में भरत रौनियार के घर से अनिरुद्ध गुप्ता के घर तक लगभग 200 मीटर लंबी नाली का टेंडर हुआ था, जिसकी लागत 39,09,160 रुपये तय की गई थी। आरोप है कि नाली निर्माण एक मीटर चौड़ाई और एक मीटर गहराई के मानक के विपरीत 60 सेंटीमीटर चौड़ाई और 80 सेंटीमीटर गहराई में कराया गया। साथ ही निर्माण कार्य तय अवधि में पूरा नहीं हुआ और अब भी अधूरा पड़ा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, कई स्थानों पर शिलापट नहीं लगे हैं, जिससे हादसे की आशंका है। शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि कार्य स्थल बदलने के लिए जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति आवश्यक होती है, लेकिन इस मामले में ऐसी कोई अनुमति नहीं ली गई। नगर पंचायत के ईओ रवि पटेल ने आईजीआरएस पर की गई शिकायत निस्तारण में कहा है कि न तो नाली का स्थान बदला गया है और न ही निर्माण मानक से विपरीत किया गया है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि वास्तविक निर्माण किसी अन्य स्थान पर किया गया है और पुराने नाले को ही दिखाकर भुगतान कर लिया गया है। इससे पूरे मामले में पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ईओ रवि पटेल ने बताया कि शिकायतकर्ता से बात हुई है। नाली का निर्माण हुआ है। स्थान में बदलाव जनहित को देखते हुए किया गया है।