पडरौना/दुदही। माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से कर्ज लेने के बाद उसे चुकता करना भी महिलाओं के चुनौती बन गया है। समूह के कर्ज पर ब्याज दर ब्याज भरने के कारण आए दिन पति-पत्नी के बीच विवाद हो रहा है। इससे न सिर्फ रिश्ते में खटास आ रही है, बल्कि अपने ही जान के दुश्मन बन जा रहे हैं। विशुनपुरा थाना क्षेत्र के कई गांव की महिलाओं ने कर्ज लिया। अब समय से किस्त नहीं भर पा रहीं हैं। ऐसे में माइक्रो फाइनेंस कंपनी के एजेंट वसूली के लिए पहुंच रहे हैं। इससे पति-पत्नी के बीच अनबन शुरू हो जा रही है और धीरे-धीरे रिश्ते में खटास आने लग रही है।
पांच जनवरी 2024 को विशुनपुरा थाना क्षेत्र के तिलक पट्टी में माइक्रो फाइनेंस की कर्ज को लेकर एक महिला ने पति की हत्या कर दी। महिला के पति ने ही उससे समूह से कर्ज लेने के लिए प्रेरित किया था। जब रकम निकल जाती तो वह उस रुपये का शराब पी जाता। इसी बात को लेकर महिला से अक्सर उसका विवाद हो रहा था। बाद में तंग आकर पत्नी ने उसकी हत्या कर दी थी। कुशीनगर जिले का शायद ही कोई गांव हो, जहां समूह में महिलाओं को शामिल न किया गया हो। गांव-गांव फैले माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के जाल में महिलाएं आसानी से फंस जा रहीं हैं। जिले के खड्डा व तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में सर्वाधिक महिलाओं ने माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से कर्ज लिया है। कुछ जगहों पर तो महिलाओं के नाम से कर्ज लेकर कई शातिर फरार हाे गए हैं। इसमें माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के जिम्मेदारों की भी मिलीभगत है। आधार कार्ड की गारंटी पर माइक्रो फाइनेंस कंपनियां गांवों में महिलाओं को कर्ज बांट रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में मकड़जाल की तरह फैले माइक्रो फाइनेंस कंपनियों में समूह की महिलाएं इस कदर उलझ गईं हैं कि उससे उबरना भी अब उनके लिए मुश्किल हो गया है।
परिवार वालों की बिना जानकारी के बहुत सारी महिलाओं ने पहले कर्ज लिया और जब ब्याज की रकम नहीं चुका पाईं तो दूसरी फाइनेंस कंपनी से एक और लोन ले लिया। इस तरह से एक के बाद एक वह कई कंपनियों से लोन लेती गईं। विशुनपुरा थाना क्षेत्र के कई गांवों की महिलाएं माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से कर्ज लेकर इस कदर फंस गईं हैं कि हर दिन उनके घर पति-पत्नी के बीच विवाद हो रहा है। मामूली कहासुनी के बाद दंपति के बीच मारपीट भी हो रही है। इसकी वजह से महिलाएं घर छोड़कर दूसरे के साथ भी चली जा रहीं हैं।