पिपराघाट। क्षेत्र के ग्रामसभा पिरोजहां बलूही बाजार स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में चल रहे पिंडी प्रतिष्ठा सह नवचंडी महायज्ञ के दौरान बुधवार को कथा वाचक ने मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की कथा सुनाई। कथा वाचक नौनित मधुकर महराज ने कहा कि असुरों के मन में असंतोष का भाव होने से उन्हें हमेशा अशांति मिली, वहीं देवताओं के पास उपलब्ध संसाधनों के प्रति संतोष का भाव रहता था, जिससे उन्हें शांति और सुख की अनुभूति होती है।
कथा वाचक ने कहा कि किसी व्यक्ति का नुकसान देख खुशी मनाना मन में नकारात्मक भावना जागृत करता है। इस तरह के विचार रखने वाले व्यक्ति का मान हमेशा अशांत रहता है। उन्हें कभी सुख की अनुभूति नहीं होती है। इस दौरान ग्राम प्रधान विकास गुप्ता उर्फ प्रशांत, शिवनारायण तिवारी, संतोष तिवारी आदि मौजूद रहे।