पडरौना। बजट में महिलाओं को भी सौगात दी गई है। नारी सशक्ति को बढ़ावा देने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उद्यमी महिलाओं के लिए योजनाओं का एलान किया। आंगनबाड़ी और गर्भवती महिलाओं के लिए भी घोषणाएं की गई हैं, लेकिन रसोई और अन्य मूलभूत सामानों की महंगाई कम होने की आस में बैठी गृहिणियों-महिलाओं को निराशा हाथ लगी है। महिलाओं का कहना है कि वित्त मंत्री को महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्टार्टअप में उनके लिए फंड की घोषणा और एससी और एसटी उद्यमियों के लिए दो करोड़ रुपये के ऋण की व्यवस्था के साथ घर की कामकाजी गृहिणियों और महिलाओं पर भी ध्यान देने की जरूरत थी। सरकार महिलाओं के लिए बड़ी योजनाओं के चक्कर में बुनियादी मूलभूत चीजें भूल गई।
केंद्रीय बजट व्यापारियों, किसानों के लिए सामान्य है। केंद्रीय बजट में बढ़ती मंहगाई, बेरोजगारी को कम करने के लिए कोई बात नहीं की गई है। सभी बड़े एलान के साथ रसोई की महंगाई पर भी सरकार की ओर से बात की गई होती तब अच्छा होता।
- प्रतिमा त्रिपाठी, गृहिणी
आम बजट में महंगाई कम करने को लेकर कोई कदम नहीं है। इससे रसोई पर भी कोई फर्क नहीं पड़ा है। खाद्य पदार्थों के दाम काफी बढ़े हुए हैं। इन्हें कम करने को लेकर सरकार को विचार करना चाहिए, क्योंकि ये व्यक्ति की मूल आवश्यकताएं हैं।
- प्रियंका मिश्र, गृहिणी