सोनूघाट। सदर ब्लॉक के परसिया अहीर निवासी दिव्यांग चंद्रभान को 21 साल पहले जो जमीन पट्टे के रूप में मिली थी, उसे राजस्वकर्मियों ने ही गलत पैमाइश कर बेदखल कर दिया।
अब दो साल से चंद्रभान जमीन पर कब्जा पाने के लिए सरकारी कार्यालयों का चक्कर लगा रहा है। थक-हारकर चंद्रभान ने डीएम कार्यालय पर धरना देने की चेतावनी दी है।
चंद्रभान गौड़ को वर्ष 2004 में सदर तहसील प्रशासन ने दो डिसमिल जमीन पट्टा दिया था। इस जमीन पर चंद्रभान दो साल पहले तक काबिज रहे।
चंद्रभान का कहना है कि गांव के एक व्यक्ति ने दो साल पहले जमीन को अपना बताते हुए पैमाइश का प्रस्ताव रखा। प्रशासन पर भरोसा करके उसने पैमाइश की बात मान ली। इसके बाद राजस्व कर्मियों ने जमीन की पैमाइश कर उसके कब्जे को गलत बताते पट्टे वाली जमीन पड़ोसी को बता दी और दिव्यांग का पट्टा बगल के पोखरे के पानी में बता दिया।
डीएम दिव्या मित्तल को दिए शिकायती पत्र में पीड़ित ने आरोप लगाया है कि राजस्व कर्मियों की मिलीभगत से पट्टे वाली जमीन पर पड़ोसियों ने कब्जा कर लिया है।
इस संबंध में तहसीलदार सदर केके मिश्र ने बताया कि गंभीर मामला है। इसकी जांच कराकर पीड़ित को न्याय दिलाया जााएगा। जिस किसी अफसर की वजह से ऐसा हुआ होगा, उन पर भी कार्रवाई होगी। संवाद