पडरौना। जिले में पिछले कुछ दिनों से ईंधन की आपूर्ति में की गई कटौती के चलते हाईवे किनारे पेट्रोल पंपों पर कहीं डीजल है पेट्रोल नहीं और जहां पेट्रोल है वहां डीजल नहीं। ऐसे में इन पंपों पर पहुंचने वाले लोगों को बिना ईंधन लौटना पड़ जा रहा है। वर्तमान स्थिति यह है कि पंपों के ड्राई होने के बाद ही उन्हें तेल की आपूर्ति की जा रही है। ईंधन रहते आपूर्ति नहीं की जा रही है। ऐसे में बार-बार पेट्रोल पंप सूख जा रहे हैं। खेप आने तक लोगों को 24 घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
हाईवे स्थित हाटा क्षेत्र के महुआरी में संचालित पेट्रोल पंप पर बुधवार की सुबह करीब 11:30 बजे दो पहिया व चार पहिया वाहनों में ईंधन भरवाने के अलावा गैलन में डीजल के लिए लोग पहुंचे थे। जहां डीजल बहुत कम मात्रा में होने के चलते सिर्फ एक नोजल से ही ग्राहकों को दिया जा रहा था। एक मशीन पूरी तरह से डीजल के अभाव में बंद पड़ी थी। हालांकि पंप पर तैनात एक कर्मी ने बताया कि तेल की आपूर्ति होने की निश्चितता को लेकर काफी असमंजस की हालात है। जबकि तेल कंपनी के शर्तों के मुताबिक इंडेंट व नकद धनराशि आदि को भेज दिया जा रहा है,इसके बावजूद मांग के अनुसार,आपूर्ति नहीं हो पा रही है। यह तथ्य उसने नाम न छापने की शर्त पर बताया। वहीं, चार पहिया,दो पहिया व ट्रैक्टर ईंधन के लिए खड़े थे। वहीं, तमाम लोग हाथों में प्लास्टिक के गैलन लिए डीजल के लिए देखे गए।
हाईवे स्थित पिपरही भड़कुलवा से पश्चिम करीब दो किलोमीटर दूर स्थित एक पेट्रोल पंप पर सुबह करीब 11:50 बजे
पेट्रोल नहीं है बोर्ड लगा हुआ मिला। मंगलवार शाम से ही यहां पर पेट्रोल खत्म हो गया था। प्रबंधक श्यामबदन कुशवाहा ने बताया कि ईंधन की मात्रा में काफी कटौती की गई है,इससे पंप पर कभी डीजल तो कभी पेट्रोल की कमी हो जा रही है।ऐसे में पंप ड्राई हो जा रहा है। लंबी दूरी तक चलने वाले बड़े वाहन यहां आते हैं, जिन्हें डीजल की अधिक खपत होती है,लेकिन उन्हें भी आपूर्ति में हुई कटौती के चलते तेल नहीं दिया जा पा रहा है। जो आपूर्ति हो रही वह काफी सीमित मात्रा में हो रही है। जब तक पहले से जैसे आपूर्ति नहीं बहाल होगी, तब तक ड्राई होने का सिलसिला जारी रहेगा।
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वर्जन:-
जिले में ईंधन आपूर्ति के अभाव में सिर्फ छह पेट्रोल पंप ड्राई हैं। इनमें चार पंप भारत पेट्रोलियम व दो इंडियन ऑयल के हैं। कहीं पर ईंधन की किल्लत नहीं है। लोगों को ईंधन आपूर्ति को लेकर किसी अफवाह में आने की कोई जरूरत नहीं है। जरूरत के मुताबिक ईंधन की आपूर्ति होती रहेगी। -कृष्ण गोपाल पांडेय, जिला पूर्ति अधिकारी,कुशीनगर
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खेतों की जुताई से बढ़ेगी डीजल की खपत:-
गौरतलब है कि वर्तमान में कृषि कार्यों के चलते पेट्राल पंपों पर कुछ ईंधन की मांग बढ़ेगी। इसकी वजह अब पंपों पर दिखाई दे रहा है। खेतों की जुताई कार्य के लिए डीजल के लिए पंपों पर लोग गैलन लेकर पहुंच रहे हैं। वे तेल नहीं मिलने पर आसपास के पेट्रोल पंपों पर भटक रहे हैं।
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गैस के बैकलॉग में आ रही गिरावट
पडरौना। जिले में संचालित विभिन्न कंपनियों के 97 गैस एजेंसियों से जुड़े उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अब इन गैस एजेंसियों पर बैकलॉग के आंकड़े में तेजी के साथ गिरावट दर्ज की जा रही है। उपभोक्ताओं को एजेंसी व गोदाम के चक्कर लगाने से निजात मिल सकती है।
बुधवार को जिले में रसोई गैस के बैकलॉग का आकड़ा 1,01,961 रहा। जबकि तीन पहले सोमवार को बैकलॉग का आंकड़ा 1,12,414 का था। इस तरह तीन दिन में करीब 10 से 11 हजार बैकलॉग में आई गिरावट आपूर्ति में सुधार होने का संकेत है। वहीं आपूर्ति के सापेक्ष अब बुकिंग में भी कमी आई दर्ज की जा रही है। फिलहाल अभी इस रफ्तार से बैकलॉग में कमी होगी तब भी करीब एक पखवाड़े का समय लगेगा,जब पूरी तरह से बैकलॉग खत्म हो जाएगा।