पकवा इनार। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय से निकली साइकिल यात्रा दूसरे दिन मंगलवार दोपहर बाद बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर पहुंची। जहां यात्रा में शामिल छात्र-छात्राओं को माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस दौरान सभी ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष पुष्पार्चन किया। वहीं, बुद्ध प्रतिमा के सामने शीश नवाकर विश्व कल्याण व शांति की कामना की।
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय स्थापना के 75वर्ष पूरे होने पर हीरक जयंती समारोह मना रहा है। इसको लेकर गोरखपुर क्षेत्र में विविध कार्यक्रम करा रहा है। इस क्रम में बीते सोमवार को प्रदेश की राज्यपाल/कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने विश्वविद्यालय से हरी झंडी दिखाकर साइकिल यात्रा को रवाना किया था। साइकिल यात्रा विश्वविद्यालय से होकर शहीद बंधू सिंह स्थल चौरीचौरा व तरकुलहा देवी मंदिर का भ्रमण किया। रात्रि विश्राम के उपरांत सोमवार की सुबह वहां से सोनबरसा होते हुए सुकरौली व हाटा से होकर अपराह्न करीब तीन बजे कुशीनगर मुख्य प्रवेश द्वार पहुंची। जहां से यात्रा बुद्ध पीजी कॉलेज के गेट गई। वहां कालेज प्रबंध समिति के सचिव वीरेंद्र सिंह अहलूवालिया की अगुवाई में सभी साइकिल यात्री विद्यार्थियों को माला पहनाकर स्वागत किया गया। स्वागत के बाद सभी ने मां सरस्वती प्रतिमा व बुद्ध प्रतिमा के सामने भारत माता व वंदेमातरम का जयघोष कर राष्ट्र प्रेम का संदेश दिया।
साइकिल यात्रा का नेतृत्व कर रहे शारीरिक शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विजय चहल ने बताया कि यात्रा में कुल 25 विद्यार्थियों का दल शामिल हैं। उनमें 18 छात्र व सात छात्राएं शामिल हैं। ये बीए, बीएससी, एमए, एमकाॅम व पीएचडी के हैं। यात्रा का समापन छह मार्च को विश्वविद्यालय पहुंचकर होगा। साइकिल यात्रा का प्रमुख मकसद सामाजिक कुरीतियों के दूर करने के लिए जागरूकता फैलाना है। यात्रा में शामिल सभी साइकिल पर स्लोगन लिखी तख्तियां लगी हुई हैं। इसके अलावा यात्रा का कुशीनगर भिक्षु संघ अध्यक्ष एबी ज्ञानेश्वर व वर्मी बुद्ध विहार की तरफ से मुख्य प्रवेश द्वार से बैनर व बाजे के साथ स्वागत कर विहार ले जाया गया। जहां सभी को जलपान कराया गया। इस मौके पर बीएड विभागाध्यक्ष प्रो. विभ्राट चंद कौशिक, प्रो. गौरव तिवारी, डॉ. निगम मौर्य, डाॅ. दुर्गेश मणि त्रिपाठी, डाॅ. राम नवल, डाॅ. सीपी सिंह, डाॅ. ज्ञानेश सिंह, राकेश सोनकर, डाॅ. श्वेता भट्ट आदि लोग मौजूद थे।