नेबुआ नौरंगिया। ममेरे भाई के साथ मौसी के घर महराजगंज गए मौसेरे भाईयों की हादसे में मौत की खबर सुनते ही घर वाले अवाक हो गए। दोनों के दरवाजे पर गांव वालों की भीड़ जुट गई। महिलाओं की चीत्कार सुनकर मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। पांच साल के अंदर दोनों की शादी हुई थी। शाम को शव पहुंचते ही पूरे गांव में मातम छा गया।
खड्डा थाना क्षेत्र के भुजौली गांव निवासी देवानंद (28) दो भाई और तीन बहनों में बड़ा था। वह पंजाब के लुधियाना में रहकर काम करता था। चार माह पूर्व वह घर आया था। वहीं इसके मौसी के बेटे खड्डा थाना क्षेत्र के भुजौली गांव निवासी शोभित उर्फ कल्लू (26) भी पंजाब में अपने पिता हीरालाल के साथ पंजाब के गोविंदगढ़ में रहकर काम करता था। यह भी एक माह पूर्व घर आया था। दो भाईयों में शोभित बड़ा था। अपने ममेरे भाई के साथ दोनों शनिवार को महराजगंज के डोमछपरा गांव अपने मौसी के घर कार से गए थे। उधर से लौटते समय कार पेड़ से टकरा गई और तीनों की मौत हो गई।
देवानंद का एक बेटा और एक बेटी है, जबकि इसके पिता घर पर रहकर खेती किसानी करते हैं। वहीं, शोभित का एक तीन साल का बेटा है। इसका छोटा भाई अनूप और पत्नी प्रेमशीला का रो-रो कर बुरा हाल है। देर शाम दोनों का शव घर पहुंचा तो दरवाजे पर गांव वालों की भीड़ जुट गई। देवानंद अपने घर का अकेला कमाऊ सदस्य था। इसका एक छोटा भाई और दो छोटी बहन है।