पडरौना। बारिश के बीच संक्रामक से रोगों का हमला तेज है। टाइफाइड, मलेरिया के साथ जानलेवा डेंगू का प्रकोप भी है। बचाव के संसाधनों की बात करें तो नगर पालिका परिषद से लेकर ग्रामीण इलाके तक मच्छर पनप रहे हैं, लेकिन इससे बचाव का इंतजाम नहीं है। जनवरी से अब तक जिले में 33 केस डेंगू के मिले है। इसमें केवल जुलाई में 14 केस सामने आए हैं। लेकिन विभाग के अधिकारी गंभीर नहीं है।
पिछले वर्ष डेंगू ने जिले में जमकर कहर बरपाया था। इस वर्ष भी बरसात शुरू होते ही डेंगू व मलेरिया के मरीज बढ़ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों से लेकर प्राइवेट अस्पताल डेंगू के मरीज पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार जिले में जनवरी से अबतक कुल 33 डेंगू के मरीज मिले हैं। जिनका जिले के सरकारी अस्पतालों में इलाज हुआ है। इसमें जनवरी में पांच, मार्च में तीन, मई में तीन, जून में आठ और जुलाई में 14 केस मिले हैं। वहीं मलेरिया के कुल 10, चिकनगुनिया के पांच, स्क्रबटाइपस छह केस विभाग के सामने आए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार डेंगू का खतरा जुलाई माह से ही सबसे अधिक शुरू होता और इसका प्रकोप नवंबर माह तक रहता है। इससे सावधानी ही इसका सबसे बड़ा उपचार है। इससे बचाव के लिए मच्छर काटने से बचाव करने की तरीके अपनाने चाहिए। डेंगू के लक्षण नजर आते ही अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच करानी चाहिए। मेडिकल कालेज व सरकारी अस्पतालों में डेंगू की जांच व उपचार की नि:शुल्क सुविधा उपलब्ध हैं। डेंगू समेत अन्य संचारी रोगों के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए ही संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जाता है।