फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: नौ घंटे देर से पहुंची डेमू ट्रेन, यात्री परेशान

Fri, 13 Jun 2025 11:46 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
तमकुहीरोड। कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर नियमित चलने वाली 75105/75106 डेमू ट्रेन की लेट लतीफी कम होने का नाम नहीं ले रही है। बृहस्पतिवार की शाम इस ट्रेन को 7:15 बजे गोरखपुर से चलकर रात में 22:18 बजे तमकुहीरोड स्टेशन पहुंचना था, लेकिन ट्रेन अपने निर्धारित समय से करीब नौ घंटे विलंब से शुक्रवार की सुबह सात बजे तमकुहीरोड पहुंची।
विज्ञापन

रविवार और सोमवार को भी ट्रेन आठ घंटे विलंब से पहुंची थी। यात्रियों का कहना है कि नियमित गोरखपुर से शाम में चलने वाली यह एक मात्र ट्रेन है, जिससे काफी लोग यात्रा करते हैं। ट्रेन समय से न आने पर लोगों को परेशानी होती है।
कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर दिन में 10 बजे गोरखपुर के लिए जाने वाली और देर शाम गोरखपुर से थावे लौटने वाली एक मात्र 75105/75106 डेमू पैसेंजर ट्रेन का संचालन नियमित होता है। रोजाना देर शाम 7:15 बजे गोरखपुर से चल कर रात 10:18 बजे तमकुही रोड पहुंचने का समय निर्धारित है, लेकिन इस सप्ताह इस ट्रेन की लेटलतीफी यात्रियों के लिए भारी रही।
विज्ञापन

रविवार और सोमवार को यह ट्रेन आठ घंटे विलंब से तमकुहीरोड पहुंची थी। इसके चलते यात्रियों को परेशान होना पड़ा था। वहीं बृहस्पतिवार को भी इस ट्रेन को रात में 10:18 बजे तमकुहीरोड पहुंचना था, लेकिन यह ट्रेन अपने निर्धारित से करीब नौ घंटे विलंब से शुक्रवार को सुबह 7:00 बजे तमकुहीरोड पहुंची। यात्रियों का कहना है कि गोरखपुर से देर शाम चलकर कप्तानगंज, रामकोला, पडरौना, दुदही, तमकुहीरोड, तरयासुजान सहित सभी छोटे-बड़े स्टेशनों पर रुकने वाली यह एक मात्र ट्रेन है।
इससे यात्री कम किराए में आसानी से गोरखपुर से तमकुहीरोड तक सुगम व सुरक्षित यात्रा कर लेते हैं। इस ट्रेन के विलंब से चलने से यात्रियों को पांच गुना से अधिक किराया चुका कर परिवहन निगम की बसों से तमकुहीरोड आना पड़ता है।
इस ट्रेन की लेट लतीफी पर चिंता जताते हुए क्षेत्र के अशोक वर्मा, जयंत गुप्ता, संजय राय, प्रभात मिश्र आदि ने रेल प्रशासन से यात्री हित में इस ट्रेन का संचालन निर्धारित समय से कराने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें