पडरौना। मौसम की बेरुखी के चलते वायरल बुखार के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। शरीर में दर्द, सर्दी-खांसी के सर्वाधिक मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। नियमित दवा खाने के बाद भी उन्हें ठीक होने में करीब एक सप्ताह का समय लग जा रहा है।
अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को डॉक्टर 10 दिन तक नियमित दवा का सेवन करने के साथ वायरल बुखार से बचाव के लिए धूप में न निकलने की सलाह दे रहे हैं। यदि आपको शरीर में दर्द, खांसी और सर्दी के साथ बुखार हो तो सतर्क हो जाएं और नियमित दवा लें, तभी बीमारी से मुक्ति मिल सकेगी। कारण बुखार का स्वरूप बदल गया है। पांच दिन के बजाय बुखार की मियाद सात दिन से 10 दिन हो गया है।
मेडिकल कॉलेज से लेकर सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बड़ी संख्या में बुखार और जुकाम से ग्रसित मरीज पहुंच रहे हैं। डाॅक्टर जांच और दवा देने के साथ ही धूप से बचने और नियमित आठ से 10 दिन दवा लेने की सलाह दे रहे हैं। पिछले कई दिनों से तेज बुखार और शरीर में दर्द व गले में जकड़न के रोगियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है।
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग की ओपीडी और इमरजेंसी में बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। उन्हें दवा देने के साथ ही डॉक्टर जांच भी करवा रहे हैं। इसमें कई मरीजों को सात दिन की डोज देने के बाद भी बुखार से राहत नहीं मिल पा रही है।
उन्हें 10 दिन तक दवा लेनी पड़ रही है। मेडिकल कॉलेज के डॉ. भूपेंद्र चौधरी ने बताया कि बुखार होने पर यदि समय से दवा नहीं लेंगे तो टाइफाइड हो सकता है। इसलिए मरीजोंं की जांच कराने के बाद ही दवा दी जा रही है।