तमकुहीरोड। डेमू ट्रेन के लगातार विलंब से चलने के कारण कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग के यात्री परेशान हैं। गोरखपुर से थावे तक लौटने वाले यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को ट्रेन करीब 12 घंटे विलंब से तमकुहीरोड पहुंची।
कप्तानगंज-थावे रेलमार्ग पर दिन में सुबह 10 बजे गोरखपुर के लिए जाने वाली और देर शाम गोरखपुर से थावे लौटने वाली एक मात्र 75105/75106 डेमू पैसेंजर ट्रेन का संचालन नियमित होता है। ट्रेन के रोजाना शाम 7:10 बजे गोरखपुर से चलकर रात 10:18 बजे तमकुहीरोड पहुंचने का समय निर्धारित है।
पहले यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से चलती थी तो यात्रियों को शाम में गोरखपुर से वापसी करने में दिक्कत नहीं होती थी। अब यह ट्रेन प्रायः गोरखपुर से ही सात से आठ घंटे विलंब से चल रही है। इससे रात में यात्रा करने वालों को दिक्कत होने लगी है। शुक्रवार को यह ट्रेन करीब नौ घंटे तो शनिवार को करीब 12 घंटे विलंब से तमकुहीरोड पहुंची। यात्रियों का कहना है कि डेमू ट्रेन से काफी लोग गोरखपुर जाते हैं।
वहां अपना कार्य पूरा करके रात में इसी ट्रेन से कप्तानगंज, रामकोला, पडरौना, दुदही, तमकुहीरोड, तरयासुजान सहित अन्य जगहों पर वापस आ जाते है, लेकिन जबसे इस ट्रेन के विलंब से चलने का सिलसिला शुरू हुआ है, तबसे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
शाम के समय गोरखपुर से वापस लौटने वाले यात्रियों पर किराए का बोझ बढ़ गया है। जहां लोग ट्रेन से तमकुहीराज 25 रुपये में पहुंचते थे अब बस से 138 रुपये चुकाना पड़ रहा है। क्षेत्र के राहुल सोनी, ध्रुव निषाद,, मनीष रौनियार, इमरान अजमेरी आदि ने रेल प्रशासन से यात्री हित में इस ट्रेन का संचालन निर्धारित समय से कराने की मांग की है।