तमकुहीरोड। सेवरही चीनी मिल में ब्वायलर की पूजा के बाद पेराई सत्र की तैयारियां शुरू हो गई हैं। नवंबर में कभी भी चीनी मिल चालू हो सकता है। आगामी सत्र के लिए गन्ना मूल्य की घोषणा नहीं होने से किसानों में ऊहापोह की स्थिति है। किसानों ने गन्ने का लाभकारी मूल्य 450 रुपये क्विंटल करने की मांग की है। सेवरही क्षेत्र एक गन्ना बाहुल्य क्षेत्र है। जहां सेवरही, तरयासुजान, दुदही, अहिरौलीदान, पिपराघाट, जमुआन, जंगलीपट्टी, दोमाठ, बगही, राजपुर खाश सहित अन्य गन्ना क्षेत्र में करीब बीस हजार हेक्टेयर में किसान गन्ने की खेती करते हैं। सेवरही चीनी मिल ने अपनी तैयारियां भी शुरू कर दी है। लेकिन अब जब 2024-2025 के लिए पेराई सत्र का गन्ने के लाभकारी मूल्य की घोषणा नहीं की गई है।
जिससे किसानों में ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। किसानों का कहना है कि बढ़ती महंगाई ने किसानों की कमर तोड़ दी है। ऐसे में इस साल भी किसानों को उम्मीद है कि महंगाई को देखते हुए सरकार गन्ने के लाभकारी मूल्य की घोषणा करेगी।
क्षेत्र के गन्ना किसान अवधेश राय, हीरालाल यादव, ध्रुव निषाद, बीरबल शर्मा, सरल शर्मा, प्रभुनाथ यादव आदि किसानों ने गन्ने की खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए पेराई सत्र 2024-2025 के लिए गन्ने का लाभकारी मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल की घोषणा करने की मांग की है।