गुरवलिया बाजार। धान की कटाई के बाद गेहूं की बुआई के लिए डीएपी की मांग बढ़ गई है। खाद की कमी से किसानों को धक्के खाने पड़ रहे हैं। रविवार को सुबह 7 बजे से ही किसान क्षेत्र की सहकारी समिति (बी पैक्स) बसडीला पांडेय और साधन सहकारी समिति खिरिया स्थान गुरवलिया में लाइन में लगे रहे। दोनों जगहों पर करीब 10:30 बजे ही खाद खत्म हो गई। लाइन में लगे अधिकतर किसानों को लौटना पड़ा।
जानकारी के अनुसार सहकारी समिति लिमिटेड (बी पैक्स) बसडीला पांडेय व साधन सहकारी समिति खिरिया स्थान गुरवलिया में प्रत्येक में 150 बोरी डीएपी और 50 एनपीकेएस की उपलब्धता थी। खाद लेने आए किसान धर्मेंद्र यादव, रामायण यादव, श्रीकिशुन, नगीना गौड़, शहाबुद्दीन, आलिम अली, शकुर अंसारी, मुन्ना अंसारी ने बताया कि वे सुबह 7 आ गए थे। उनके साथ बड़ी संख्या में किसान लाइन में लगे रहे। सुबह 10:30 बजे ही खाद खत्म हो गई।
नैनो यूरिया और नैनो डाई के प्रति रुझान कम : किसानों में नैनो यूरिया और नैनो डाई के प्रति रुझान कम है। बसडीला पांडेय समिति के सचिव जितेंद्र शाही ने बताया कि उपलब्ध खाद का वितरण कर दिया गया है। शेष किसानों को खाद उपलब्ध होने पर वितरण किया जाएगा।
इसके अलावा खिरिया समिति के सचिव संजय शाही ने बताया कि नैनो यूरिया और नैनो डाई की उपलब्धता है लेकिन इसकी मांग कम है। जबकि डीएपी की खपत अधिक होने के कारण जल्द वितरित हो गई है।
खोटही सहकारी समिति में बची है 120 बोरी डीएपी व 30 बोरी यूरिया : लक्ष्मीगंज। खोटही स्थित सहकारी समिति में 120 बोरी डीएपी व 30 बोरी यूरिया बची है। सचिव सत्येंद्र कुमार ने बताया कि दोनों खाद के लिए आर्डर किया गया है। खोटही, पगार, दीउलिहा मनिया छपरा आदि गांवों के करीब 1600 काश्तकार इस समिति में नामांकित हैं। इसके अलावा सहकारी गन्ना विकास समिति लक्ष्मीगंज में इस समय कोई खाद नहीं है। सचिव अंगद वर्मा ने बताया कि 200 बोरी डीएपी का आर्डर इफको वाले से किया गया है। रैक आने पर खाद आएगी।