पडरौना नगर अस्पताल में बच्चे को इलाज करते चिकित्सक।संवाद
पडरौना। मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। कभी धूप तो कभी बादल और उमस के बीच तापमान में बदलाव से रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाने से लोग वायरल संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। इन दिनों बुखार आम समस्या है। ज्यादातर मरीजों में बुखार 102 से 103 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच जा रहा है। अस्पतालों और निजी क्लीनिकों में बुखार, सर्दी-जुकाम और शरीर में दर्द की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है।
पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय में हर दिन करीब 300 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 150 से 170 मरीज बुखार की शिकायत कर रहे हैं। हर दिन दो से तीन मरीजों को वार्ड में भर्ती करना पड़ रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुभाष प्रसाद ने बताया कि वायरल संक्रमण की चपेट में आने वाले कई मरीजों में 102 से 103 डिग्री तक बुखार पहुंच जा रहा है। बुखार के साथ कमजोरी, बदन दर्द और सिरदर्द की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
ज्यादातर मरीजों को तीन से चार दिन तक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। मरीजों को पर्याप्त आराम करने के साथ पौष्टिक भोजन और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी जा रही है। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अरुण पांडेय ने बताया कि बुखार या अन्य लक्षण होने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेकर ही उपचार करना चाहिए। लगातार तेज बुखार रहने पर जांच कराना भी जरूरी है। मौसम में बदलाव के बीच सावधानी बरतकर और साफ-सफाई का ध्यान रखकर संक्रमण से बचाव किया जा सकता है।