मथौली। महराजगंज जनपद की तरफ से आने वाली छोटी गंडक नदी कुशीनगर के उत्तरी छोर पर जिले में प्रवेश करती है। मडालविन्दवलीया, खैरेटीया, लम्मीपुर कुर्मीपट्टी, मुडिला हरपुर और सोहसा सतगुडही समेत पांच स्थानों बरसात के समय कटान हुआ था। यह नदी जिले के भीतर अलग-अलग पांच जगहों पर कटान कर रही थी। लोगों की शिकायत पर बाढ़ खंड ने कटान हाेने वाले स्थान पर क्षतिग्रस्त हो चुके बंध की मरम्मत कार्य शुरू करा दिया है। मरम्मत के दौरान जीयोटीयूब और स्लेब की जगह बोरी में मिट्टी भरकर रखा जाएगा। इसके लिए बाढ़ खंड की तरफ से तीन करोड़ रुपये खर्च कर बंधों की मरम्मत कराया गया है, लेकिन तीन माह पहले पोकलेन मशीन से बांध कर बोरी में मिट्टी रखकर बांध को सुरक्षित किया गया है। हल्की सी बरसात होने पर बंधे पर जगह-जगह कटान होने के बाद पानी के साथ बोरी नदी में समा गई है। इसी तरह छोटी गंडक नदी के सोहसा सतगुडही मंदिर के पास हुए कटान को बांध बनाकर बोरी में मिट्टी भर कर रखा गया है।
वहां भी बरसात के पानी से कटान होना शुरू हो गया है। इस इस कटान को लेकर मुडिला हरपुर गांव के ग्राम प्रधान उग्रसेन चौहान के नेतृत्व में लोगों ने नदी के किनारे हुए कटान को लेकर विरोध किया था और प्रशासन से मांग किया कि गांव के घरों के कटान को रोकने के लिए प्रशासन जल्द से जल्द बंधे पर जो कटान हुआ है। उस पर पत्थर का बोल्डर गिरा कर बांध को सुरक्षित किया जाए। बाढ़ खंड के राकेश कुमार मेहता ने बताया कि जल्द ही काटन वाले स्थल पर पहुंचकर स्थिति देखकर उसके बचाव के लिए उचित प्रबंध किया जाएगा।