फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला अस्पताल में कराई गई भर्ती, डॉक्टर ने दी ईको कराने की सलाह

विज्ञापन
विज्ञापन
सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता की फिर बिगड़ी हालत
विज्ञापन

महिला मानवाधिकार संगठन की सदस्य ने जिला अस्पताल में जाना हाल
घरवालों ने लगाया मुकदमा वापस लेने के लिए धमकी देने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना(कुशीनगर)। अहिरौली बाजार थाना क्षेत्र के एक गांव में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार किशोरी की हालत फिर बिगड़ गई है। परिवारवालों ने दूसरी बार उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। डॉक्टर ने उसकी ईको टेस्ट कराने की सलाह दी है। इसकी जानकारी होने पर गोरखपुर से महिला मानवाधिकार संगठन की सदस्य ने अस्पताल पहुंचीं और पीड़िता का हाल जाना। पीड़िता के घरवालों ने बताया कि उन्हें मुकदमा वापस लेने के लिए आरोपियों की तरफ से बार-बार धमकी दी जा रही है।
पीड़िता की मां ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था सात जून को रात के करीब साढ़े आठ बजे गांव के ही कुछ लोगों ने उनके परिवार के साथ मारपीट की थी। उसके बाद उसकी बेटी को जबरदस्ती अपने घर में उठा ले गए थे, जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। अहिरौली बाजार थाने की पुलिस ने इस मामले में पहले तो पीड़िता और उसकी मां को थाने से भगा दिया था, लेकिन बाद में एसपी के निर्देश के बाद मुकदमा दर्ज तो किया लेकिन सामूहिक दुष्कर्म की जगह सिर्फ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट आदि धाराएं लगाई थी।
विज्ञापन

‘अमर उजाला’ ने इस मामले को गंभीरता से उठाया और फिर एसपी ने संज्ञान लिया तो पुलिस ने पीड़िता के बयान को आधार मानते हुए सामूहिक दुष्कर्म की धारा बढ़ाई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने एक महिला को भी आरोपी बनाया। सभी छह आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया। पूर्व में 10 जून को परिजनों ने हालत बिगड़ने पर पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, बाद में छुट्टी होने पर घर ले गए थे। इधर फिर 22 जून से पीड़िता की हालत बिगड़ने पर परिजन जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराए हैं। पीड़िता ने बताया कि उसके सीने और दिल में असहनीय दर्द होने पर जिला अस्पताल लेकर परिजन आए हैं। उसका इलाज कर रहे डॉक्टर ने ईको जांच कराने की सलाह दी है। पिता ने बताया कि आरोपी मुकदमा वापस लेने के लिए बार-बार धमकी दे रहे हैं। रात में भी कोई व्यक्ति घर के आसपास मंडरा रहा था। इससे परिवार के सभी लोग सहमे हुए हैं।
विज्ञापन

इसकी जानकारी होने पर गोरखपुर से महिला मानवाधिकार संगठन की सदस्य नीतू ने संयुक्त जिला चिकित्सालय पहुंचीं और पीड़िता का हाल जाना। उन्होंने बताया कि अस्पताल प्रशासन की तरफ से पीड़िता को बेहतर चिकित्सकीय सुविधा दी गई है। उसका नि:शुल्क मुकदमा लड़ने के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय के अधिवक्ता संजय कुमार गौतम ने स्वीकृति दी है। इसके अलावा उन्होंने अस्पताल परिसर में स्थित आशा ज्योति केंद्र की तरफ से भी पीड़िता को दिए जा रहे सहयोग के बारे में जानकारी ली। एसपी राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि यदि पीड़ित परिवार आरोपियों की तरफ से धमकी देेने की लिखित शिकायत करता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें