तमकुहीरोड। सेवरही ब्लॉक के नरवाटोला के पास बांसी नदी ने किसानों की फसलों को चपेट में लेना शुरू कर दिया है। नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के कारण कटान तेज हो गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। कई किसानों की गन्ना और धान की फसल कटान की भेंट चढ़ चुकी है। सैकड़ों एकड़ फसल भी खतरे के दायरे में हैं।
नरवाटोला गांव बांसी नदी के किनारे बसा है, जहां नदी के तटवर्ती क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान गन्ना और धान की खेती करते हैं। रामसूरत, परमात्मा और पृथ्वी की गन्ने की फसल नदी में समा चुकी है। अवधनाथ, हरेंद्र, बाढ़ू सहित कई किसानों की धान की फसल भी कटान की भेंट चढ़ गई है। ग्रामीण ध्रुव निषाद, पारस निषाद, रामअवध निषाद और दरोगा निषाद का कहना है कि यदि नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहा तो कटान और तेज हो सकती है, जिससे अधिक किसानों की मेहनत बर्बाद होने का खतरा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कटान प्रभावित स्थलों पर तत्काल मिट्टी से भरी बोरियां डालकर अस्थायी सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि नदी की कटान को रोका जा सके और किसानों की बची हुई फसलों को नुकसान से बचाया जा सके। किसानों का कहना है कि समय रहते प्रभावी बचाव कार्य नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में नुकसान और बढ़ सकता है।