तमकुहीरोड। जवही दयाल गांव के सामने गंडक नदी के तेज बहाव व बैक रोलिंग से फसलों के कटान का खतरा बढ़ गया है। नदी धान, गन्ने की फसलों और पेड़-पौधों को काटती हुई नवनिर्मित एप्रन के पास पहुंच गई है। यह बांध की सुरक्षा के लिए खतरे की घंटी बताई जा रही है। लोगों का कहना है कि नदी का यही रुख रहा तो न केवल शेष फसल भी नदी में समा जाएगी बल्कि बांध की सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है।
एपी बांध के जवही दयाल के सामने नदी का सीधा रुख अब बांध की तरफ हो गया है। नदी इस क्षेत्र की कई पुरानी व जर्जर ठोकरों को क्षतिग्रस्त कर चुकी है। बैक रोलिंग और तेज बहाव ने बांध के किनारे बसे किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लहलहाती फसलें कटान की भेंट चढ़ रही हैं। क्षेत्र के किसान मथुरा सिंह, सीताराम निषाद, बबलू प्रसाद, गौतम सिंह आदि का कहना है कि इस क्षेत्र में कटान जारी रहने के चलते बांध का यह हिस्सा काफी संवेदनशील हो गया है। उनकी आंखों के सामने उनकी फसल बर्बाद हो रही है।
यदि नदी का रुख इसी तरह बांध की तरफ बना रहा तो शेष फसलों के साथ बांध की सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। यही कारण है कि बाढ़ खंड के अभियंता भी लगातार नदी के तेवर और तटबंधों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है। बाढ़ खंड सेवरही के एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि नदी के जलस्तर में हो रहे उतार चढ़ाव को देखते हुए सभी अभियंताओं से तटबंधों नजर बनाए रखने की हिदायत दी गई है।
गंडक का दबाव घटा, महदेवा में फिलहाल कटान थमी
-एक लाख क्यूसेक से नीचे रहा डिस्चार्ज, छितौनी तटबंध के दो ठोकरों पर दबाव बरकरार
खड्डा। गंडक नदी के डिस्चार्ज में कमी आने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने बृहस्पतिवार को भी राहत की सांस ली। वाल्मीकिनगर बैराज से नदी में छोड़ा जा रहा पानी पूरे दिन एक लाख क्यूसेक से नीचे रहा। नदी का जलस्तर भी चेतावनी बिंदु से नीचे बना रहा। महदेवा गांव के पास नदी की धारा तट से सटकर बह रही है लेकिन कटान नहीं हुई। हालांकि नदी के रुख को देखते हुए ग्रामीणों में अब भी आशंका बनी हुई है।
वाल्मीकिनगर बैराज से शुक्रवार सुबह छह बजे 79,700 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। आठ और 10 बजे यह 81,800 क्यूसेक, दोपहर 12 बजे 83,900 क्यूसेक तथा दो और चार बजे 77,600 क्यूसेक रहा। शाम छह बजे डिस्चार्ज घटकर 75,500 क्यूसेक पहुंच गया। लगातार घटते डिस्चार्ज से नदी का दबाव भी कम हुआ है।छितौनी तटबंध पर ठोकर संख्या दो और वीरभार के पास कुछ दबाव बना हुआ है, लेकिन फिलहाल स्थिति खराब नहीं है। महदेवा के पास नदी की धारा तट से सटी हुई बह रही है। कटान की आशंका बनी हुई है।