पडरौना। एक पखवारे पूर्व नगर के कॉलेज रोड पर मिले जिस शव को पुलिस दुर्घटना बता रही थी, वह आखिरकार हत्या का मामला निकला। उस युवक की हत्या कराने वाला भी कोई और नहीं, बल्कि उसके साथ सात फेरे लेने वाली उसकी अर्द्घांगिनी निकली। पुलिस की मानें तो उसने यह हत्या अपने नारायज रिश्ते में पति के बाधा बनने की वजह से कराई थी। पुलिस ने मृतक की पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घटना में शामिल एक व्यक्ति फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
पडरौना नगर के कॉलेज रोड पर आठ नवंबर की सुबह एक युवक का शव मिला था। उसका गला कटा हुआ था। उस शव की शिनाख्त पडरौना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत नगर के गुदरी बाजार (नेहरू नगर) के मछली मंडी निवासी मनोज कुमार खरवार (34 वर्ष) के रूप में हुई थी। उस दिन पुलिस ने युवक की मौत को दुर्घटना बताकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
उसके बाद मृतक की मां लीलावती देवी पत्नी बुधई खरवार ने कोतवाली में तहरीर देकर हत्या की आशंका जताई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनकी पुत्रवधू रीना का छावनी के एक युवक से एक वर्ष से प्रेम संबंध था और वह उससे मिलने के लिए आता जाता था, जिसे लेकर घर में अक्सर झगड़ा होता था।
एसपी यमुुना प्रसाद ने शनिवार को पुलिस कार्यालय में इस घटना का खुलासा करते हुए बताया कि तहरीर को आधार मानकर पुलिस ने विवेचना की तो हत्या का कारण स्पष्ट हो गया। एसपी के मुताबिक मनोज की पत्नी ने ही अपने प्रेमी बताया था कि उसका पति रोज भोर में कॉलेज रोड के रास्ते रेलवे स्टेशन स्थित टिकट घर जाता था। जैसे ही उसका पति भोर में करीब चार बजे घर से निकला, उसने फोन करके अपने प्रेमी को बता दिया। उसके प्रेमी ने अपने एक साथी के सहयोग से उसके गले पर चाकू से प्रहार कर हत्या कर दिया था। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर मृतक की पत्नी रीना और उसके प्रेमी गुड्डू अली निवासी छावनी पूर्वी वार्ड नंबर एक को शनिवार को कठकुइयां तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू बरामद कर लिया गया है। वहीं छावनी के इसी वार्ड का निवासी दूसरा आरोपी आफताब उर्फ नूर की तलाश की जा रही है।
एसपी ने बताया कि हत्या का खुलासा करने में पडरौना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक डॉ. विनय प्रकाश राय, एसआई यशवंत सिंह, एचसीपी नागेंद्र सिंह, कांस्टेबल हिमांशु सिंह, अनिल कुमार, सौरभ सिंह, महिला कांस्टेबल सुनीता यादव और स्वॉट टीम प्रभारी शैलेश कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल मुबारक अली, कांस्टेबल रणविजय सिंह, रणजीत यादव, अशोक सिंह, शशिकेश सिंह, शिवानंद सिंह, चंद्रभान वर्मा, मुकेश कुमार मौर्या शामिल थे।