पडरौना। एक माह पूर्व पडरौना कोतवाली क्षेत्र के सोहरौना गांव के निकट गोली मारकर हुई बृजेश तिवारी की हत्या का बुधवार को एसपी ने खुलासा किया। हत्या की वजह दवा की दुकान को लेकर बेवजह परेशान करना बताया जा रहा है। हत्यारोपियों में दो भिस्वा सरकारी गांव के हैं, एक कप्तानगंज और चौथा गोरखपुर जिले का निवासी है। पुलिस ने इनमें दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य दो की तलाश में जुटी है।
सुगही गांव के निवासी बृजेश तिवारी जनपद मुख्यालय रवींद्रनगर में मेडिकल स्टोर संचालित करते थे। एसपी यमुना प्रसाद ने बताया कि बृजेश तिवारी के मेडिकल स्टोर के निकट भिस्वा सरकारी गांव के मंतोष गौड़ पुत्र जयराम प्रसाद गौड़ की दवा की दुकान है। बृजेश उसकी दवा की दुकान बंद कराने के लिए हमेशा शिकायत करते थे, जिसकी वजह से उसके पिता ने दवा की दुकान बंद कर दी। इसके अलावा भी बृजेश उसे नीचा दिखाने का प्रयास करते थे।
29 सितंबर को मंतोष ने विजय जायसवाल और जितेंद्र यादव से मिलकर बृजेश के मेडिकल स्टोर की रेकी कराई और उनकी पहचान करा दिया। उसके बाद 30 सितंबर और एक अक्टूबर को रवींद्रनगर में हनुमान मंदिर के निकट घात लगाकर बृजेश तिवारी का इंतजार करते रहे, लेकिन उस दिन मंसूबे में सफल नहीं हो पाए। उसके बाद दो अक्टूबर की रात करीब नौ बजे मेडिकल स्टोर बंद कर बाइक से पडरौना स्थित आवास पर जाते समय जितेंद्र यादव और विजय जायसवाल ने बृजेश तिवारी का पीछा किया। जितेंद्र बाइक चला रहा था और विजय पीछे बैठा था। एनएच पर सोहरौना के निकट बृजेश तिवारी को ओवरटेक कर विजय जायसवाल ने 32 बोर की पिस्टल से बृजेश तिवारी को गोली मार दी और छावनी की तरफ भाग गए। उसके बाद नहर के रास्ते कप्तानगंज व परतावल होते हुए गोरखपुर चले गए और हत्या के बारे में फोन पर सूचना दे दी।
एसपी ने बताया कि भिस्वा सरकारी निवासी मंतोष गौड़ और कप्तानगंज थाना क्षेत्र के बेलभद्र छपरा निवासी विजय जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि गोरखपुर जिले के बेलघाट थाना क्षेत्र अंतर्गत साऊखोर निवासी जितेंद्र यादव और भिस्वा सरकारी के रुपक राय फरार हैं। हत्या में शामिल विजय जायसवाल पर चार, जितेंद्र यादव पर दो और रुपक राय पर 15 मुकदमे दर्ज हैं। मंतोष पर हत्या और साजिश रचने का पहला मुकदमा दर्ज हुआ है। हत्यारोपियों के पास से 32 बोर का एक पिस्टल, दो कारतूस, एक बाइक, 10 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल बरामद हुआ है। एसपी ने खुलासा करने वाली टीम को पांच हजार रुपये नकद पुरस्कार दिया।
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डेढ़ लाख की दी थी सुपारी
इससे आजिज आकर उसने छह माह पहले भिस्वा सरकारी गांव के ही रुपक राय से मिलकर बृजेश तिवारी को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। घटना से करीब एक माह पहले रुपक राय ने उसे गोरखपुर ले जाकर विजय जायसवाल और जितेंद्र यादव से मिलाया था। वे दोनों शातिर अपराधी हैं और पहले भी कई घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। रुपक राय की विजय जायसवाल से मुलाकात देवरिया जिला कारागार में हुई थी और वे दोनों अच्छे मित्र बन चुके थे। उन दोनों ने डेढ़ लाख रुपये में बृजेश तिवारी की हत्या सुपारी ली। एसपी ने बताया कि पडरौना नगर के रामकोला रोड स्थित एक होटल में मंतोष ने 50 हजार रुपये एडवांस दे दिए। शेष रकम काम होने के बाद देने की बात हुई।