खड्डा। मलयेशिया में रोजगार के सिलसिले में गए चार युवक एजेंट की धोखाधड़ी के शिकार हो गए हैं। इनमें से एक युवक महराजगंज का है।
जानकारी मिलने पर परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई हैं। अब वे इन्हें घर लाने के लिए उपाय कर रहे हैं। खड्डा क्षेत्र की सोहरौना ग्रामपंचायत के रहने वाले चंदन यादव, कुंदन, सुधीर सहित सात युवक और महराजगंज के कम्हरिया गांव के टिंकू दो माह पहले मलयेशिया गए।
इन्हें महराजगंज के निचलौल के एक एजेंट ने दवा कंपनी में काम करने का झांसा देकर इन्हें वीजा मुहैया कराया था। चेन्नई में कुछ दिन रहने के बाद युवक फ्लाइट से मलयेशिया पहुंचे। वहां जाने पर पता चला कि उनको जो वीजा मिला था, वह काम करने के लिए नहीं था।
इन्हें टूरिस्ट वीजा दिया गया था। मलयेशिया में एजेंट का परिचित एक शख्स इनसे मकान निर्माण में मजदूर के तौर पर काम लेने लगा। इधर, जब जब टूरिस्ट वीजा की अवधि खत्म हो गई तो इनको काम करने से रोक दिया गया।
उसके बाद युवक दर-दर की ठोकर खाने लगे।
पकड़े जाने के डर से इन्हें छुप-छुपकर रहना पड़ रहा था। इसमें से चार युवक वहां के कुछ लोगों के सहयोग से किसी तरह वापस लौट आए, जबकि चंदन, कुंदन और सुधीर अभी वहीं फंसे हैं।
इन युवकों ने अपने परिवार के लोगों को बताया कि उनकी हालत पर तरस खाकर वहीं के एक शख्स ने अपने यहां पनाह दी है। चारों युवकों के परिवार के लोग चिंतित हैं।
युवकों के परिवार के लोगों ने बताया कि एजेंट की ओर से प्रति युवक से सवा लाख रुपये लिए गए थे। जब उससे युवकों को वापस बुलवाने के लिए कहा गया तो उसने दोबारा रकम की मांग की।
अब तो एजेंट भी गायब है। इन लोगों ने बताया कि अब वे अधिकारियों से मिलकर फरियाद करेंगे। सीओ गोरखनाथ का कहना है कि अभी युवकों के परिवार के लोगों ने शिकायत नहीं की है।