शैक्षणिक संस्थान की जमीन बेचने पर भड़के लोग
तहसीलदार के आश्वासन पर माने ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
खड्डा। धार्मिक स्थल और शैक्षणिक संस्थान की जमीन को खाली बता कर बेच देने से भड़के गांववालों ने तहसील में हंगामा शुरू कर दिया। तहसीलदार ने न्यायसंगत कार्रवाई का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया।
ग्रामीणों का कहना था कि आजादी से पूर्व धार्मिक प्रयोजन के लिए खड्डा में जमीन दान दी गई थी। दानदाताओं की इच्छानुसार उस पर मदरसा, इदगाह, मस्जिद आदि बनाए गए। अभिलेखों में जमीन आज भी दानदाताओं के नाम है। इसमें से 1/9 अंश के हकदार ने मदरसे के प्रबंधक के नाम आसपास खेत दिखाकर बैनामा कर दिया। इसकी जानकारी होने पर लोग आक्रोशित हो गए। आशिक अली, अब्दुल कादिर, सगीर, शमीम, शहाबुद्दीन, रमजान, आदम, मेहंदी हसन, तजमुल, शब्बीर, इसरायल, सगीर, बाबर अली आदि ने डीएम से लगायत तहसील प्रशासन से तथ्य छुपाकर जमीन क्रय विक्रय करने की शिकायत की। तहसीलदार अहमद फरीद खां ने बताया कि नामांतरण स्थगित कर दिया गया है। यह मामला प्रबंधकीय विवाद का भी है। इसकी रिपोर्ट डीएम व एसडीएम को भेज दी गई है।