पडरौना में तेज पछुआ हवा और चिलचिलाती धूप में आग की लपटों ने रविवार को जनपद में जमकर तांडव मचाया। तकरीबन पौने पांच सौ घरों को आग की लपटों ने लील लिया। इसमें सबसे अधिक तबाही दुदही क्षेत्र के बांसगांव जमुआन टोला में हुई, जहां 250 से अधिक घर जल गए। आगलगी की घटना के दौरान इस गांव में दो बच्चों के न मिलने से भी चीखते-पुकारते रहे। कसया क्षेत्र में जहां सौ के करीब घर जल गए, वहीं तरयासुजान और सेवरही थाना क्षेत्र में भी करीब 70 घर धू-धूकर जल गए। प्रचंड आग को बुझाने के लिए लोग जद्दोजहद करते रहे, लेकिन पछुआ हवा के आगे उनका कोई वश नहीं चल रहा था।
दुदही प्रतिनिधि के अनुसार विशुनपुरा थाना क्षेत्र के बांसगांव जमुआ टोला में किसी महिला ने बीड़ी पीने के बाद उसे जलती हालत में फेंक दिया था, जिससे दोपहर में करीब एक बजे संत के घर में आग लग गई। तेज पछुआ हवा के चलते पूरा जमुआन टोला धू-धूकर जल उठा। तभी किसी के घर में सिलिंडर फटने की आवाज हुई और लोगों में भगदड़ मच गई। आग के इस दावानल ने नगीना, कोकिल, मिठाई, परमेश्वर, सुरेश, दिनेश्वर, वीरेंद्र, मोहन, गुल्ली, रामचंद्र, विंदलाल, पारस, मोतीलाल, संतराज, शिवनाथ, गुलमुहम्मद, नथुनी, मुन्नीलाल, गणेश, नरेश, राजेश, विनोद, अकलू, जयनाथ, किशोर, मोहन, खेदन, जगरनाथ, हरिलाल, झगरू, दीनानाथ, राजदेव, राजेंद्र समेत 250 से अधिक लोगों के घरों को जला डाला। आग इतनी भयंकर थी कि कोई भी व्यक्ति अपने घर से सामान नहीं निकाल पाया। कई घंटे तक गांव जलता रहा।
इस आगलगी में छह से अधिक पक्के मकान भी नष्ट हो गए हैं। लेकिन सूचना देने के बाद भी अग्निशमन दस्ता मौके पर नहीं पहुंचा। लोगों ने पंपिंगसेट चलाकर किसी तरह आग बुझाई। चार साल और छह साल के दो बच्चे भी गायब बताए जा रहे हैं। कई मवेशी इस आग में जल मरे। लाखों रुपये की संपत्ति लोगों की आंखों के सामने ही जलकर नष्ट हो गई। क्षेत्रीय विधायक अजय कुमार लल्लू, पूर्व विधायक डॉ. पीके राय, एसडीएम गणेश प्रसाद सिंह, तहसीलदार रामसुधार आदि ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया।
कसया प्रतिनिधि के अनुसार तहसील क्षेत्र के कई गांवों में आग ने रविवार को तबाही मचाई। दिन के करीब 11 बजे परवरपार के महुअवा टोला में लगी भीषण आग में हारूल, नैमुल्लाह, शमसुद्दीन, सैफुल्लाह, सिकंदर, नजीम, कौशल, अफलातून, इश्हाक, अनवर, नन्हे, बिस्मिल्लाह, इरशाद, जुल्फिकार के घर जल गए। तेज पछुआ हवा के चलते आग बढ़ते हुए टेकुआटार के बरवां छापर में भी तबाही मचाई।
वहां बनारसी, जितेंद्र, शिवनाथ, ओमप्रकाश, रामविजय, राजेंद्र, नागू, अनिरुद्ध, मंगल, बिकाऊ, रामनाथ, छट्ठू समेत 35 से अधिक लोगों घर जल गए। आग काबू में नहीं होने के कारण आगे निहाल छपरा को भी अपने आगोश में ले लिया। आग से इस टोले पर रहने वालों में अरूबुद्दीन, बाबू हुसैन, तैमुल्लाह, राजा, खुरैद, गफ्फार, इब्राहिम, शकीला, हबीबुल्लाह सहित कई लोगों की दर्जनों झोपड़ियों सहित पक्के मकान भी आग की चपेट में आकर जलकर नष्ट हो गए। आग के इस कहर से दहशत में इन गांव के लोग खेतों को अपनी शरणस्थली बना रखे हैं। आग लगने की सूचना के घंटों बाद पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने आग को गांव के लोगों के साथ मिलकर देर शाम तक बुझाने की कोशिश की। वहीं, आग को काबू में करने के लिए ग्रामीणों ने 25 पंपिंग सेट लगाए थे। मौके पर एसडीएम श्रीप्रकाश शुक्ल और एसओ रामकोला अनिल कुमार सिंह भी मौजूद थे।
तमकुहीराज एवं तमकुहीरोड प्रतिनिधि के अनुसार रविवार को दिन के 11 बजे सेवरही थाना क्षेत्र के गांव गदाई पट्टी के एक घर में दोपहर के समय खाना पकाते समय चूल्हे से निकली चिंगारी से झोपड़ी में आग लग गई और तेज हवाओं के चलते देखते ही देखते आग ने इतना भीषण रूप ले लिया किया कि कई घर धू-धू कर जलने लगे। आग देखते ही देखते गदाई पट्टी से गौरी नरोत्तम, सुमही बुजुर्ग उर्फ मेहदिया के जमुनिया टोला और सुमही मोहन सिंह में भी फैल गई।
इस आगलगी में गदाई पट्टी के 34, गौरी नरोत्तम के 28, मेहदिया जमुनिया टोला के पांच और सुमही मोहन के एक घर को मिलाकर कुल 70 लोगों के घर और उसमें रखे सभी सामान जल गए। कई मवेशी भी जल मरे। एक व्यक्ति की बाइक जल गई। इस आगलगी में दूधनाथ, जानमोहम्मद, भुट्टी, रामउग्रह, मोहम्मद हारुन, हसनतारा, दोमाह, बनारसी, बैजनाथ, मोतीचंद्र, जोगी, जवाहिर, मोतीलाल, दशरथ, जयराम, तुफ ानी, सुदामा, रामनाथ आदि की झोपड़ियां जली हैं। क्षेत्रीय विधायक, पूर्व विधायक, एसडीएम, तहसीलदार सहित अन्य लोगों ने अग्निपीड़ितों का हाल जाना।
रामकोला प्रतिनिधि के अनुसार थाना क्षेत्र के रामपुर बगहां निवासी छेदी कुशवाहा के घर में रविवार को खाना बन रहा था। तेज हवा के कारण घर में आग पकड़ ली, जिससे छेदी के घर सहित दयाशंकर कुशवाहा, लोरिक यादव, पुजारी यादव, हरि यादव, छबीला यादव, शंभू यादव, राजेश, कुबेर, गोरख, मंत्री, दहारी, चौकट, हिच्छा, कंता सहित बीस व्यक्तियों के पक्के तथा कच्चे घर गए। आग की लपटों में कपड़े, अनाज, आभूषण, नकदी आदि भी नष्ट हो गए। सूचना मिलने पर अगिभनशमन दस्ता इस गांव में पहुंचा और आग बुझाई।
कोटवा बाजार प्रतिनिधि के अनुसार नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के कलवारीपट्टी गांव में लगी आग में सात लोगों के घर जल गए। बताया जा रहा है कि गांव के रविवार को दिन के लगभग डेढ़ बजे भीमबली के घर से अचानक आग की लपटें उठने लगीं और देखते ही देखते बिरजू, डेबा, रामहरख, पूर्णवासी, खेमई, जुबती, नंदलाल के घर जल गए। इसी दरम्यान एक व्यक्ति के घर में रखा खाली रसोई गैस सिलिंडर तेज विस्फोट के साथ फट गया। संयोग ही था कि कोई हताहत नहीं हुआ। भीमबली की लड़की की शादी के लिए तैयारी कर ली गई थी। भीमबली के मुताबिक घर में रखे सामान और 50 हजार रुपये नकद जल गए।
तुर्कपट्टी प्रतिनिधि के अनुसार तुर्कपट्टी महुअवा गांव के दीघवा टोला में दोपहर को घूरे से निकली चिनगारी से आग लग गई। छट्ठू के घर से लगी आग ने अयोध्या, जीऊत, राजेश, अनवत, दशरथ, बंका, महात्मा, विश्वनाथ, सुखल, सीताराम आदि के घरों को जला दिया। इस घटना के अभी दो घण्टे भी नहीं बीते होंगे कि इसी थाना क्षेत्र के झनकौल गांव में किसी ने खेतों में गेहूं का डंठल जलाना शुरू कर दिया। उसकी आग करीब डेढ़ किलोमीटर तक फैलते हुए तुर्कपट्टी के प्राचीन सूर्यमंदिर के पीछे नहर तक पहुंच गई। यहां अभी आग ने एक ही घर को अपना शिकार बनाया था, तब तक सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने आग पर काबू पा लिया। तब तक अग्निशमन दस्ता भी पहुंच गया। दीघवा टोला निवासी भिखारी की नतिनी की 28 अप्रैल को ही शादी है। उन्होंने नतिनी की शादी की सारी तैयारियां पूरी कर ली थीं। गहने, कपडे़ खरीदे जा चुके थे और रिश्तेदार भी पहुंच गए थे। लेकिन ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था। आग में उनके अरमानों की चिता जल गई। उनके रुदन लोगों की आंखें भर्र आइं।
तुर्कपट्टी के दिघवा टोला में आग बुझाने में पुलिस भी सक्रिय दिखी। जोकवा खुर्द गांव में तेज पछुआ हवा ने केदार की झोपड़ी उड़ा दी। बांस बल्ली गिरने से वह बुरी तरह घायल हो गए। रविवार की दोपहर केदार अपने झोपड़ी में सोये थे कि अचानक आई तेज हवा से उनकी झोपड़ी गिर गई। उन्हें फाजिलनगर सीएचसी पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
कुबेरस्थान प्रतिनिधि के अनुसार थाना क्षेत्र के बतरौली बाजार के पश्चिम तरफ शनिवार की रात में किसी ने अपने खेत में गेहूं का डंठल जलाने के लिए आग लगाकर छोड़ दिया था, जिससे आग खेतों में फैल गई। गांव की तरफ आग बढ़ते देख किसी ने शोर किया, तभी गांव के लोग एकत्र हो गए और आग बुझाने की कोशिश में लग गए। तकरीबन तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझी। आग बुझाने के लिए पांच पंपिंगसेट लगाए गए थे। महिलाओं और बच्चों ने घरों में रखा सामान बाहर निकाल लिया था, ताकि जलने न पाए। लोगाें की तत्परता से गांव में आग से बड़ी तबाही होने से बच गई।