नगदी, आभूषण के लेनदेन के बंटवारे का था विवाद
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ग्राम किलोनी में नगदी और आभूषण के लेनेदेन के विवाद में चाचा ने भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एटा भेजा है। मामले की प्राथमिकी चाचा को नामजद करते हुए कोतवाली में दर्ज कराई गई है। गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
उमेश (26) पुत्र सत्यपाल कई साल से अपने चाचा साधु सिंह के पास रह रहा था। उनके बीच आभूषण एवं नगदी के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। उसने अपने चाचा से शनिवार को नगदी आभूषण मांगे तो कहासुनी हो गई। रात को उसकी गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद चाचा और चाची मौके से फरार हो गए। उसका शव देखकर परिवारीजनों में कोहराम मच गया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। अपर पुलिस अधीक्षक राधेमोहन भारद्वाज, सीओ शवीह हैदर, कोतवाली प्रभारी पदम सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए एटा भेज दिया। घटना की तहरीर उसके भाई ओमवीर ने अपने चाचा को नामजद करते हुए पुलिस को दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया।
जान बचाने को अपनी मां के पास भागा उमेश
कासगंज। उमेश के चाचा ने जैसे ही एक गोली मारी वह अपनी जान बचाने के लिए भागकर पड़ोस में रह रही अपनी मां राजनश्री के पास भागा, लेकिन रात का समय होने के कारण घर का दरवाजा बंद था। जब तक उसकी मां दरवाजा खोलती तब तक चाचा ने दूसरी गोली मार दी। इससे उसकी मौत हो गई।
चाचा ने ही की थी उसकी शादी
कासगंज। उमेश अपने चाचा के पास लगभग 10 साल की उम्र से ही रह रहा था। छह साल पहले चाचा ने उसकी शादी भूरी पुत्री हुकुम सिंह निवासी किशनी बदायूं के साथ कराई थी। उसकी पत्नी भी वहीं रह रही थी, लेकिन उनके इस अवधि में कोई बच्चा नहीं हुआ। उसकी पत्नी कुछ दिन पहले ही अपने मायके गई हुई थी। सूचना मिलने पर वह रविवार को सुबह किलोनी वापस आई।