पडरौना। जिले के जटहां बाजार थाना क्षेत्र के घूरछपरा स्थित टोले के बाहर खेत में झाड़फूंक से बुखार, दाद, खाज, खुजली आदि रोगों के इलाज के बहाने धर्मांतरण का मामला प्रकाश में आया है। हियुवा नेता सहित कई लोगों का कहना है कि प्रार्थना सभा, ईसाई धर्म से जुड़ी पुस्तक और पोस्टर के जरिए धर्मांतरण कराने का प्रयास किया जा रहा है।
आस्था संगठन के अध्यक्ष दीपक जायसवाल, छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष सुनील दीक्षित, छात्र नेता महेश शर्मा आदि ने आरोप लगाया है कि लोगों को 40 रुपये की एक पुस्तक और पोस्टर देकर ईसाई धर्म में आस्था बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए 100 से अधिक एजेंट भी रखे गए हैं।
यूएनपीजी कॉलेज पडरौना के राजनीति शास्त्र के प्रवक्ता डॉ. अशोक सिंह ने उस गांव में धर्मांतरण का प्रयास किए जाने का आरोप लगाया है। हियुवा गोरखपुर-बस्ती मंडल के संभाग प्रभारी राजेश्वर सिंह ने भी गांव में धर्मांतरण कराए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे तत्काल बंद करने की मांग की है। चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो हियुवा कार्यकर्ता उसे बंद कराने गांव में जाएंगे।
सीएमओ डॉ. हरिचरण सिंह ने अभिमंत्रित पानी से इलाज को अंधविश्वास बताया। उनका कहना है कि इस तरह कोई बीमारी ठीक नहीं होती। जटहां बाजार थाने के एसओ ने झाड़फूंक और धर्मांतरण के प्रयास से अनभिज्ञता जताई है, वहीं एसपी अशोक कुमार पांडेय ने कहा कि यह बात अब उनके संज्ञान में आई है। इसकी जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
एक वर्ष पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
एक वर्ष पहले तत्कालीन एसओ राजेश मौर्य ने गांव के एक व्यक्ति की तहरीर पर छापेमारी कर एक ही परिवार की दो लड़कियों, उनके पिता और मां सहित 5 लोगों के खिलाफ धर्म परिवर्तन सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था। गांववालों के मुताबिक, कई महीनों तक प्रार्थना सभा बंद थी लेकिन, कुछ महीनों से फिर शुरू हुई है। गांव में दूर-दराज से लोग आते हैं। गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को सबसे पहले ईसाई धर्म के अनुसार प्रार्थना सभा कराई जाती है, फिर पानी पीने के लिए दिया जाता है और ईसाई धार्मिक पुस्तक भी दी जाती है।