सुकरौली। बजट में सी-मार्ट में क्रेडिट कार्ड योजना जारी होने से ग्रामीण क्षेत्र की कामकाजी महिलाओं ने स्वागत किया है। ऐसी महिलाएं जो कुटीर उद्योग स्थापित कर खुद की उत्पाद बनाती हैं वो बजट पर प्रसन्नता जताई हैं। कामकाजी महिलाओं ने कहा कि वे धन के अभाव में मार्केटिंग और व्यापक कारोबार नही कर पाती हैं। लेकिन इस बार की बजट में उनकी सुविधाओं ख्याल रखा गया है। पहले सरकार ने सी- मार्ट योजना के जरिए गांव से कस्बा तक पहुंचाने की व्यवस्था कराया और अब ऋण देकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यवसाय से जोड़ने का कार्य किया है।
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था और ग्रामीण कामकाजी महिलाओं को मजबूत बनाने के लिए इस तरह की सुविधाओं से महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी। सरकार का यह कदम सराहनीय है। - गुड्डी देवी, अध्यक्ष, शाहजहां महिला स्वय सहायता समूह मिश्रौली।
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क्रेडिट कार्ड योजना से बैंक से ऋण लेना आसान हो जाएगा, जिससे उन्हें पारंपरिक उत्पादकों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ब्रेडिंग एवं मार्केटिंग करने में आसानी में होगी। -अंजू देवी, अध्यक्ष, मां शारदा स्वयं सहायता समूह संखापार।
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने यह योजना मिल का पत्थर साबित होगा। वर्तमान में अलग-अलग समूह की महिलाओं द्वारा गांवों में उत्पाद तैयार किए जाते हैं, जिन्हें हाट बाजार एवं आसपास के दुकानदारों को बेचकर मुनाफा कमाती हैं, लेकिन सी-मार्ट के बाद अब इस व्यवस्था से मजबूती मिलेगी। - संध्या सिंह, सावित्री देवी महिला स्वयं सहायता समूह बगरा देउर।
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सरकार की यह पहल सराहनीय है। स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ लेकर अधिक माल तैयार कर बाजार में पहुंचाएंगी, जिससे उन्हें पहचान मिलने के साथ उनकी आय बढ़ेगी। -प्रियंका पांडेय, वैष्णवी स्वयं सहायता समूह पड़री।
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बजट की खबर में परिचर्चा-गुड्डी देवी।संवाद
बजट की खबर में परिचर्चा-गुड्डी देवी।संवाद
बजट की खबर में परिचर्चा-गुड्डी देवी।संवाद