पडरौना। पंजीकरण की आड़ में अवैध तरीके से निजी अस्पताल चलाने वालों पर अब शिकंजा कसेगा। सीएमओ ने नोडल अफसर के अलावा अलग से जांच टीम गठित की है। ब्लॉकवार यह टीम सीएचसी अधीक्षक के साथ जांच करेगी और अवैध अस्पताल संचालित होने पर नियमानुसार कार्रवाई करेगी। डीएम के निर्देश पर टीम गठित की गई है।
जिले में अवैध तरीके से निजी अस्पताल संचालित करने वालों का नेटवर्क बढ़ता जा रहा है। कार्रवाई के बावजूद इस पर रोक नहीं लग पा रहा है। इसके लिए अभी तक सिर्फ एक नोडल अफसर के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। अस्पताल पंजीकरण के लिए आवेदन कर इसी की आड़ में अवैध तरीके से संचालक निजी अस्पतालों का संचालन कर रहे हैं। सीएमओ इस पर रोक लगाने के लिए एक अलग से टीम गठित किया है। यह टीम निजी अस्पतालों की हर ब्लॉकों में रोस्टर के हिसाब से जांच करेगी। इसमें स्थानीय सीएचसी के अधीक्षक भी शामिल रहेंगे। इसकी रिपोर्ट टीम सीएमओ को करेगी। पोर्टल पर जिनका आवेदन लंबित रहेगा। उनका निस्तारण भी नियमानुसार किया जाएगा। कई अस्पताल संचालक दूसरे डाक्टरों की डिग्री के साथ आवेदन कर दे रहे हैं, जांच में पूछने पर डाक्टर डिग्री देने से मना कर दे रहे हैं। एक सप्ताह के अंदर जांच में मथौली कस्बे में तीन, कुबेरस्थान में ऐसे अस्पताल संचालित मिलने के बाद सीएमओ ने यह निर्णय लिया है।
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अवैध अस्पतालों पर शिकंजा कसने के लिए एक अलग से टीम गठित की गई है। संचालक अस्पताल पंजीकरण के लिए आवेदन कर उसी आड़ में निजी अस्पताल संचालित कर रहे हैं। अब ऐसा नहीं होगा। निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी, नहीं मानने पर संचालकों पर प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी। -डॉ. चंद्रप्रकाश, सीएमओ