पडरौना। जिले में शराब की 344 दुकानों की ई-टेंडरिंग होनी है। 25 लाख से सवा करोड़ रुपये तक की शराब की इन दुकानों के लिए हैसियत प्रमाण पत्र देने वाले अधिकांश ठेकेदारों ने आधे-अधूरे शपथ पत्र जमा करवाए हैं। ऐसे में करोड़ों रुपये की देसी-विदेशी मदिरा, बीयर और मॉडल शॉप की ई-टेंडरिंग में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।
वित्त वर्ष 2018-19 में देसी व विदेशी शराब, बीयर और मॉडल शॉप की कुल 344 दुकानों के लिए ई-टेंडरिंग के लिए शराब के ठेकेदारों से आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन के लिए हैसियत प्रमाण पत्र अहम होता है, जिसके लिए जिला प्रशासन की तरफ से 22 और 23 फरवरी को सभी तहसीलों में कैंप लगाकर हैसियत प्रमाण पत्र जारी करने का निर्देश दिया गया था। बताया जा रहा है कि इससे जुड़े अनेक राजस्वकर्मियों ने निहित स्वार्थ में रिपोर्ट बनाने के नाम पर अन्य सभी काम छोड़कर इस पर ध्यान दिया। इससे भी बड़ी बात यह रही कि हैसियत प्रमाण पत्र के लिए 100 रुपये के स्टांप पर जो शपथ पत्र जमा कराया गया, उसमें आवेदक का पूरा ब्योरा नहीं था।
हैसियत प्रमाण पत्र के लिए दिए जाने वाले शपथ पत्र में आवेदक को अपना नाम, स्थाई एवं अस्थाई पता, ठेकेदार किस विभाग का है, चल-अचल संपत्ति का ब्योरा, चरित्र प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, टेंडर से संबंधित समस्त अभिलेख हैं अथवा नहीं, निविदा प्रमाण पत्र, पैन नंबर, आवेदक पर कोई मुकदमा तो दर्ज नहीं है, यदि है तो थाने व न्यायालय का विवरण, ठेकेदार ब्लैक लिस्टेड तो नहीं है, अपराधी, माफिया या असामाजिक गतिविधियों में लिप्त है कि नहीं, शपथ कर्ता का कार्य एवं आचरण के साथ दूरभाष या मोबाइल नंबर आदि देना निर्धारित है।
जिन आवेदकों ने शपथ पत्र पूर्ण करके नहीं दिया है, उनसे अपेक्षित सभी सूचनाएं लेने के बाद ही आवेदन स्वीकार किया जाएगा। कुल 1131 लोगों ने हैसियत प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था।
-राजेश कुमार मिश्र, जिला आबकारी अधिकारी।