पडरौना। ऐसा माना गया है कि शरीर में पानी की कमी के चलते कई बीमारियां होती है, लेकिन पथरी की समस्या से इससे तेजी से बढ़ रही है। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में पथरी के पांच से दस मरीज प्रतिदिन पहुंच रहे हैं। डॉक्टर अधिक पानी पीने की सलाह देने के साथ संतुलित आहार पर ध्यान देने का सुझाव दे रहे हैं। इसमें कई ऐसे मरीज हैं जो पथरी का ऑपरेशन कराए हैं और दोबारा उनको पथरी की समस्या हो गई है।
गर्मी में पानी कम पीने, संतुलित आहार पर ध्यान न देने व पानीयुक्त फलों के कम सेवर की वजह से पथरी रोगियों की दिक्कतें बढ़ गई है। यूरिनरी ब्लेडर, व यूरेटर में पथरी का आकार बढ़ रहा है। इसके चलते रोगियों का असहाय दर्द भी हो रहा है। ऐसे रोगी बार-बार यूटीआई (यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) के शिकार हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी में ऐसे रोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है। डॉक्टरों ने इसकी वजह कम पानी पीना बताया है। मेडिकल कॉलेज के एमडी मेडिसिन डॉ. दीन मोहम्मद ने बताया कि ओपीडी में इन दिनों पथरी वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। गर्मी के दिनों में अधिक पानी का सेवन करने और पानी युक्त फलों का सेवन करने का सुझाव दिया जा रहा है। लोग इसे हल्के में ले रहे हैं, लेकिन यह शरीर के लिए घातक हैं, खान-पान में परहेज नहीं करने के चलते जो लोग पथरी का ऑपरेशन कराए हैं, उनकों दोबारा पथरी हो रही है। दवा के साथ-साथ परहेज किया जाए तो पथरी की बीमारी से बचा जा सकता है।