पडरौना। मौसम में हुए बदलाव के साथ ही पेट दर्द और उल्टी-दस्त से बच्चे पीड़ित हो रहे हैं। इन दिनों मेडिकल कॉलेज के अलावा अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों में बच्चों को लेकर लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे मरीजों को डॉक्टर दवा देने के साथ ही परिजनों को बचाव की भी जानकारी दे रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों को बाहर का सामान खिलाने से परहेज करें। तेज धूप में उन्हें बाहर न निकलने दें और दिक्कत हो तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
बुधवार को मेडिकल कॉलेज की ओपीडी 1203 मरीजों ने पंजीकरण कराने के बाद उपचार कराया। ओपीडी में करीब 150 मासूम मरीजों को लेकर परिजन उपचार कराने पहुंचे थे। तीन से आठ साल तक के बच्चों में पेट दर्द, उल्टी-दस्त की शिकायत मिलने पर डॉक्टर ने जरूरी दवा देकर परिजनों से ओआरएस का घोल बनाकर पिलाने की सलाह दी। इसी तरह शहर के पुरुष एवं नेत्र चिकित्सालय में भी मासूम मरीजों को लेकर उपचार कराने पहुंचे थे। पेट दर्द, उल्टी-दस्त और बुखार से पीड़ित मरीजों का बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एस प्रसाद ने उपचार किया। उनका कहना था कि मौसम में हुए बदलाव के कारण बच्चों की सेहत पर इसका असर पड़ रहा है। परिवार के लोग बच्चों की सेहत को लेकर सजग रहे। बार-बार दस्त होने पर ओआरएस का घोल दें और डॉक्टर की परामर्श जरूर लें। बच्चों को तेज धूप में न निकलने दें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाएं और खानपान में विशेष सतर्कता बरतें। इसके अलावा शहर के एक निजी अस्पताल में भी इसी तरह के मासूम मरीज आये थे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश कुमार वर्मा ने बताया कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए यह मौसम ठीक नहीं है। बारिश के कारण तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव का भी असर सेहत पर पड़ रहा है। जरूरी दवा देने के साथ ही बच्चों को हवादार कमरे में रखें। पानी का अधिक से अधिक सेवन कराएं और बाहरी खानपान से बचें। नवजात शिशुओं के लिए भी यह मौसम ठीक नहीं है।