मंसाछापर। उर्वरक बेचकर 6.96 लाख रुपये हड़पने के आरोप में सहायक आयुक्त व सहायक निबंधक ने समिति के सचिव को निलंबित कर दिया है। कार्रवाई के तीन दिन बाद भी सचिव ने उच्चाधिकारियों को स्पष्टीकरण नहीं दिया। इसके चलते समिति पर न तो धान की खरीद हो रही है और न ही उर्वरक उपलब्ध है। अब तक इस समिति का चार्ज किसी सचिव को नहीं दिया गया है, इससे किसानों में नाराजगी है।
विशुनपुरा ब्लॉक के बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति सरपतही खुर्द पर तैनात सचिव सुबाष सिंह ने सितंबर में 300 बोरी डीएपी व 333 बोरी यूरिया की बिक्री की थी। लेकिन, खाद की कीमत 6.96 लाख रुपये समिति के खाते में जमा नहीं किया। सचिव जिला प्रशासनिक कमेटी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता की ओर से की गई जांच में गबन की पुष्टि हुई। जांच अधिकारियों ने सचिव से तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन, तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी सचिव ने स्पष्टीकरण नहीं दिया। अनुशासनहीनता और गबन के आरोप में सचिव सुबाष सिंह को निलंबित कर दिया गया है। फिलहाल वह समिति कार्यालय से संबद्ध रहेंगे। एआर नीरज गोड़ ने बताया कि सचिव पर गबन का आरोप है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई है। जांच चल रही है। समिति का चार्ज दूसरे सचिव को देने की तैयारी चल रही है।