पडरौना। जिले में तस्करी के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी है। तस्करों के पसंदीदा वाहन पिकअप पर अब पुलिस की पैनी नजर रहेगी। तस्करी के खेल को खत्म करने के लिए एसपी ने कलर कोडिंग व्यवस्था लागू की है।
पंजीकृत पिकअप वाहनों की सटीक निगरानी के लिए लाल रंग में कोडिंग की जा रही है। इससे नंबर प्लेट को टेंपर या बदलकर पुलिस को चकमा नहीं दिया जा सकेगा। पुलिस की इस पहल का मकसद तस्करी में वाहनों के दुरुपयोग को रोकना और कानून व्यवस्था को बनाए रखना है। पुलिस की इस तरकीब का असर धरातल पर दिखने लगा है।
जिले में पंजीकृत कुल 4,504 पिकअप वाहनों में से 3108 पर कोडिंग का काम पूरा कर लिया गया है, पहले जहां तस्कर वाहनों की पहचान छिपाकर निकल जाते थे, अब इस कलर कोडिंग व नंबरिंग के चलते उनकी पहचान पुलिस आसानी से कर सकेगी। कोडिंग व नंबरिंग के बाद उन पिकअप वाहनों का डाटाबेस भी पुलिस तैयार कर रही है ताकि किसी तरह की गड़बड़ी नहीं की जा सके।
1,396 वाहन अब भी रडार पर : एसपी के निर्देश पर अब उन 1,396 वाहनों के चिह्नीकरण व कलर कोडिंग व नंबरिंग के लिए के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इन संचालकों ने अब तक पुलिस की इस अनिवार्य प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है। ऐसे वाहनों को चिह्नित करने के लिए जिले के सभी थानों और चौकियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस कलर कोडिंग व नंबरिंग के बाद पशु तस्करी, शराब तस्करी और अन्य अपराधों पर प्रभावी लगाम लगेगी।